Bihar Chunav 2025: RJD की तरफ़ से 110 उम्मीदवारों को कॉल,135 पर लड़ने की तैयारी, महागठबंधन में सस्पेंस बरक़रार
Bihar Chunav 2025: बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियाँ पूरी गति से चल रही हैं। महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर पार्टियों के बीच चर्चाएँ और गहमागहमी बढ़ गई है। हालांकि, इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने चुनावी अभियान की रणनीति पर चुपचाप काम शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने 135 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जो यह संकेत देता है कि RJD इस बार मैदान में सधी हुई तैयारी के साथ उतर रही है।

संभावित उम्मीदवारों की तैयारी
सूत्र बताते हैं कि लगभग 110 संभावित उम्मीदवारों को फोन के माध्यम से चुनावी तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। विशेष रूप से उन सीटों पर, जहाँ किसी अन्य सहयोगी दल की दावेदारी नहीं है, वोटर लिस्ट की सत्यापित प्रतियां मंगाई गई हैं ताकि समय रहते पार्टी सिंबल जारी किया जा सके और उम्मीदवार अपनी चुनावी तैयारियों में जुट जाएँ। यह स्पष्ट संकेत है कि RJD चुनावी मशीनरी को समय पर सक्रिय करना चाहती है।
RJD का लक्ष्य: 135+ सीटें
RJD नेताओं का कहना है कि इस बार पार्टी का लक्ष्य कम से कम 135 सीटों पर चुनाव लड़ना है, जबकि 137 सीटों पर पूरी तैयारी की जा चुकी है। पार्टी ने गठबंधन धर्म का पालन करते हुए एक-दो सीटों का त्याग करने की संभावना भी जताई है। इसका मतलब यह है कि पार्टी महागठबंधन के साथ सहयोग बनाए रखते हुए अपने राजनीतिक हितों को भी ध्यान में रख रही है।
पिछला चुनाव और इस बार की तैयारी
वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में RJD ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 75 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार पार्टी ने अपनी तैयारी को और सघन बना लिया है। सुगौली से लेकर फतुहा तक, और पूर्व से पश्चिम तक, पार्टी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए रणनीतिक रूप से तैयार है।
उम्मीदवारों में बदलाव और टिकट कटने की संभावना
RJD ने अपनी मौजूदा सीटों पर लगभग सभी उम्मीदवारों को तय कर लिया है। लेकिन एक दर्जन से अधिक पुराने विधायकों का टिकट कटने की संभावना है। विशेष रूप से मिथिलांचल की कुछ महत्वपूर्ण सीटें सहयोगी दल VIP को मिल सकती हैं, जिससे गठबंधन के भीतर संतुलन बनाए रखा जाएगा।
दिलचस्प बात यह है कि कई वर्तमान RJD विधायक सहयोगी दलों के सिंबल पर चुनाव लड़ सकते हैं, जबकि पार्टी ने तीन से पांच ऐसी सीटों का भी चुनाव किया है जो पहले सहयोगी दलों की थीं। इन सीटों पर RJD अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की योजना में है।
हार से जीत की रणनीति
पिछली बार जिन 69 सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था, वहां इस बार RJD नई रणनीति और बेहतर चुनावी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी। सीतामढ़ी से कटिहार और मोतिहारी से सहरसा तक, पार्टी का लक्ष्य पिछली हार को जीत में बदलना है और बिहार में अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करना है।
राजनीतिक पहचान और चुनावी खाका
इस बार RJD केवल सीटों की संख्या पर ध्यान नहीं दे रही, बल्कि बिहार में अपनी राजनीतिक पहचान को फिर से स्थापित करने पर भी जोर दे रही है। महागठबंधन में औपचारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन RJD ने अपने स्तर पर चुनावी मैदान का खाका तैयार कर लिया है, जो यह दर्शाता है कि पार्टी तैयारियों में सबसे आगे है और आगामी विधानसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है।












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