Tej Pratap Controversy: क्या तेज प्रताप यादव की जाएगी विधायकी, अब किस पार्टी और विधानसभा से लड़ेंगे चुनाव
Tej Pratap Yadav Controversy: बिहार के मुख्यमंत्री रहे लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से निकाल कर सुर्खियों में हैं। ऐसा उन्होंने गरिमा के मुद्दे का हवाला देते हुए किया है। यह बड़ा राजनीतिक कदम बिहार विधानसभा चुनाव से लगभग पांच महीने पहले उठाया गया है, जिससे तेज प्रताप यादव के राजनीति में भविष्य को लेकर व्यापक अटकलें लगाई जा रही हैं।
तेजप्रताप का राजनीतिक भविष्य: राजद से निष्कासन के बाद, यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या तेज प्रताप यादव की विधायकी चली जाएगी। आइए समीकरण समझते हैं, जब आरजेडी और कांग्रेस ने फ्लोर टेस्ट के दौरान पार्टी बदलने वाले सदस्यों के विधायक पद रद्द करने का प्रयास किया, तो कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इस प्रकार, भले ही आरजेडी औपचारिक रूप से तेज प्रताप की विधायक स्थिति को खत्म करने का अनुरोध करे, लेकिन विधानसभा द्वारा इसे मंजूरी नहीं दी जा सकती है। क्योंकि तेज प्रताप ने ख़ुद पार्टी नहीं छोड़ी है, उन्हें पार्टी से निकाला गया है। तेज प्रताप फिलहाल हसनपुर से राजद विधायक हैं। हालांकि, उन्होंने महुआ विधानसभा सीट पर भी अपनी दिलचस्पी दिखाई है।
तेज प्रताप के साथ हुए हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वे आध्यात्म ओर रुख कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर वह सियासी सफर जारी रखते हैं तो यह कहना ग़लत नहीं होगा कि लालू परिवार द्वारा अलग-थलग किए जाने के कारण वह बागी रुख अपना सकते हैं।
संभावित चुनाव रणनीतियां: अब सवाल उठता है कि राजद से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप यादव के पास जनाधार क्या है, तो आपको बता दें कि तेज प्रताप आरजेडी के भीतर युवा सेना तैयार कर रहे थे, जिन्हें वह राजनीतिक भागीदारी के लिए ट्रेनिंग भी दे रहे थे। तेज प्रताप अगर बागी तेवर एख्तियार करते हैं तो वह भविष्य के चुनावों में अपनी युवा सेना का समर्थन हासिल कर सकते हैं।
तेज प्रताप यादव के तलाक का मामला अदालत में अभी तक सुलझा नहीं है, जिससे उनकी स्थिति में और जटिलता आ गई है। घोटालों और उनके तलाक के मामले जैसे पिछले विवादों के कारण, जनता दल यूनाइटेड या भारतीय जनता पार्टी जैसी पार्टियों में शामिल होना असंभव लगता है। तेज प्रताप को 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है।
राजद के लिए तेज बनेंगे चुनौती: महुआ विधानसभा से चुनाव लड़ने की बात तेज प्रताप यादव ने पहले की थी, वहां से आरजेडी के मुकेश रोशन मौजूदा विधायक हैं। अब चूंकि, तेज प्रताप राजद में नहीं हैं तो वहां से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भी चुनाव लड़ने पर विचार कर सकते हैं। क्योंकि अन्य पार्टियां अभी तेज प्रताप को पार्टी में लेकर खुद की छवि धुमिल नहीं करना चाहेगी।
तेज प्रताप को पार्टी से निकालने के बाद यह साफ हो गया है कि वह आगामी चुनावों में आरजेडी के उम्मीदवार नहीं होंगे। अगर वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ते हैं या किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन करते हैं, तो यह आरजेडी के लिए चुनौती बन सकता है। चूंकि चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने हैं, इसलिए उम्मीद है कि तेज प्रताप तब तक हसनपुर से विधायक बने रहेंगे।












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