बिहार में लचड़ स्वास्थ्य व्यवस्था, सामने आई शर्मनाक तस्वीर, नहीं मिला शव वाहन, डेड बॉडी को ठेले से ले गई GRP
Poor health system in Bihar: बिहार में सत्ता पक्ष के नेता यह कसीदे पढ़ते हैं कि, डबल इंजन की सरकार में विकास की गाड़ी रफ्तार पकड़ रही है। लेकिन आए भ्रष्टाचार की तस्वीरें डबल इंजन सरकार की शर्मनाक तस्वीरों को उजागर कर रही है। आए दिन पुल गिर रहे हैं, तो कभी शिक्षा तो कभी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल रही है।
ताज़ा मामला हाजीपुर (वैशाली) का है, जहां NDA सरकार की बहुत ही शर्मनाक तस्वीर हाजीपुर सदर अस्पताल से सामने आई है। जहां मृत घोषित कर दिए युवक के शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक नहीं मिली। कहां तो सरकार मुफ्त ऐम्बुलेंस सेवा का राग अलापती है, लेकिन वक्त पर जनता को सेवा से वंचित रह जाती है।

हाजीपुर सदर अस्पताल में जब मृतक को शव वाहन नहीं मिल पाया तो GRP ने पांच सौ रुपये में ठेला भाड़े पर लिया और शव को ठेले पर रखकर हाजीपुर स्टेशन स्थित शीतल शव गृह में ले गए। मिली जानकारी के मुताबिक हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर एक युवक को जीआरपी ने रानी कमलापति अगरतला ट्रेन से बेहोशी की हालत में बरामद किया था।
इसके बाद आनन-फानन में उसे ठेले से सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन की तरफ़ से मृतक के लिए शव वाहन का इंतज़ाम नहीं किया गया। इस वजह से ठेले पर लाद कर वापिस ले जाया गया।
संजय राय (ठेला चालक) की मानें तो हाजीपुर रेलवे स्टेशन के दो नंबर प्लेटफार्म से बेहोशी की हालत में युवक को ठेले से इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर द्वारा उसे मृत घोषित करने के बाद फिर उसे ठेले पर ही लादकर वापस हाजीपुर रेलवे स्टेशन जाया गया।
यह नौबत क्यों आई, इसके पीछे भी वजह है। दरअसल एम्बुलेंस चालक अपनी मांगों को लेकर पिछले 12 दिनों से हड़ताल पर हैं। राजद नेता ने कहा कि अगर सरकार से एम्बुलेंस चालक खुश होते हो हड़ताल पर क्यों जाते। उनकी मांगे पूरी नहीं हो रही हैं, इसलिए उन्होंने हड़ताल किया है।
इससे यह साफ ज़ाहिए होता है कि डबल इंजन की सरकार नाकाम है। प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में सरकारी योजना से हुए कार्यों की आए दिन पोल खुल रही है। हाजीपुर में जो नज़ारा दिखा यह तो सिर्फ़ उदाहरण है, प्रदेश के हर ज़िले में ऐसा ही हाल है।












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