Bihar News: राज्य सरकार की तरफ़ से मज़दूरों के लिए है ये योजना, रजिस्ट्रेशन के हैं कई फ़ायदे
Bihar News: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हुए टनल हादसे में फंसे मज़दूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। टनल में बिहार के भी कई मज़दूर फ़ंसे हुए थे, वहीं अब यह चर्चा तेज़ हो गई है कि क्या प्रदेश सरकार द्वारा कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। जिससे मज़दूरों को राहत मिल सके। दूसरे प्रदेशों में काम करने गए मज़दूर अगर हादसे का शिकार होते हैं तो बिहार सरकार की तरफ़ कोई राहत मिलती भी है या नहीं।
मज़दूरों के ज़ेहन में उठ रहे सवालों का जवाब आपको इस ख़बर में मिल जाएगा। आपको बता दें कि श्रमिकों को भी बिहार सरकार की तरफ़ से कई फायदे दिये जा रहे हैं। बिहार सरकार कई योजनाएं चला रही है, जिससे आम जनता को लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में मज़दूरों के लिए भी योजनाएं चल रही हैं, जिसका उन्हें लाभ मिल रहा है।

बिहार सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए सबसे पहले श्रमिको को श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद श्रमिकों को श्रम कार्ड मिलता है। श्रम विभाग में मेसन (राजमिस्त्री), बढ़ई, पेंटर, लोहार और लेबर या किसी और तरह की मज़दूरी करने वाले लोग श्रमिक कार्ड (लेबर कार्ड) के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
प्रदेश सरकार ने साल 2002 लेबर कार्ड स्कॉलरशिप की शुरुआत की थी। इसके पीछे का मकसद था कि मज़दूरों के बच्चों को सरकारी योजना का लाभ देते हुए 10 से 25 हज़ार रुपये तक आर्थिक मदद हो सके। जिन श्रमिकों के पास कार्ड बना होता है, उनके परिवार को इस योजना का लाभ मिलता है। श्रमिक कार्ड लेने के एक साल तक योजना का लाभ ले सकते हैं।
लेबर कार्ड स्कॉलरशिप योजना का लाभ लेने के लिए कुछ नियम और शर्तों का भी पालन करना होता है। इसके तहत एक श्रमिक के दो बच्चों को ही स्कॉलरशिप मिल सकता है। 10वीं और 12वीं के एग्ज़ाम में 80 कम से कम फ़ीसद अंक हासिल होने पर 25 हज़ार रूपये की स्कॉलरशिप मिलती है।
70 फीसद से 79.99 फीसद अंक हासिल करने पर 15 हज़ार रूपये की स्कॉलरशिप मिलती है। वहीं 60 फीसद से 69.99 फ़ीसद नंबर हासिल करने पर 10 हज़ार रुपये की स्कॉलरशिप मिलती है। स्कॉलरशिप आवेदन के लिए श्रमिक कार्ड के साथ-साथ विभाग के नियम को मानना भी ज़रूरी है।
बिहार कैबिनेट ने अगस्त 2023 में यह फ़ैसला लिया था कि प्रदेश या किसी अन्य राज्य में काम कर रहे मज़दूर, प्राकृतिक या फिर किसी और तरीक़े से मौत होती है तो पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये अनुग्रह राशि मिलेगी। हादसा होने के 6 महीने के अंदर अनुग्रह राशि पीड़ित परिवार को मिल जाती है। इन सब लाभ के लिए श्रमिक कार्ड होना ज़रूरी है।












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