सारण जिले में मौजूद जयप्रभा सेतु से एंबुलेंस वाले नीचे फेंक देते हैं शव, स्थानीय लोगों में संक्रमण का खौफ
पटना । एक तरफ जहां कोरोने के चलते लोगों को जान गंवानी पड़ रही है। वहीं इस महामारी के दौरान में कुछ लोगों की लापरवाही के चलते संक्रमण के और फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। हाल ही में बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में गंगा नदी में कई लाशें मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। वहीं सारण जिले के मांझी प्रखंड के जयप्रभा सेतु इस वक्त कोरोना संक्रमित शवों का निपटारा केंद्र बन गया है। आए दिन इस पुल से एम्बुलेंस चालक अस्पतालों से लाये गए शवों को फेंककर आराम से निकल जाते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार बिहार के साथ-साथ यूपी के तरफ से भी एंबुलेंस चालक आते हैं और शवों को पुल से नीचे फेंककर फरार हो जाते हैं। संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार भी नही होता है और न ही उनको मिट्टी में दफनाया जाता है। वहीं बक्सर जिले में गंगा नदी में बहकर आए शवों में से 71 को मंगलवार को जिला प्रशासन ने निकाला है, इन सभी शवों को अंतिम संस्कार करा दिया गया है।
सोमवार को बक्सर जिले के चौसा प्रखंड के महादेवा घाट के पास सोमवार को लोगों ने घाट किनारे संदिग्ध कोरोना संक्रमितों की लाशों को एक साथ बहते हुए देखा था। जो सड़ी गली हालत में किनारे पर लग गईं थीं। जिसके बाद जिला प्रशासन ने इनको निकालने का काम शुरू किया था। शवों का कोविड सैंपल भी लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यूपी की ओर से लाशें बहकर आई हैं। क्योंकि ये इलाका पूर्वी उत्तर प्रदेश से लगा हुआ है। वहीं उत्तर प्रदेश की ओर से इसे नकारा गया है।












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