प्रशांत किशोर की जाति क्या है? कितने पढ़े-लिखे हैं? परिवार में कौन-कौन? PK के बारे में कितना जानते हैं आप
Prashant Kishor Bio: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद से ही प्रशांक किशोर सुर्खियों में हैं। प्रशांत किशोर को आमतौर पर लोग PK के नाम से जानते हैं। उनकी पार्टी जनसुराज बिहार चुनाव में बिहार की राजनीति में नया विकल्प बनने की कोशिश में थी। हालांकि वो उसमें विफल हो गए हैं।
प्रशांत किशोर का राजनीतिक सफर किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगता। एक साधारण गांव से निकलकर यूनाइटेड नेशंस तक, फिर नरेंद्र मोदी से लेकर ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल तक, हर किसी के लिए चुनावी रणनीति बनाना-ये सब PK को बिहार की राजनीति में एक गेमचेंजर बना देता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि प्रशांत किशोर कौन हैं? उनकी जाति, पारिवारिक पृष्ठभूमि, पढ़ाई-लिखाई और राजनीति में अब तक का सफर कैसा रहा है?

🟡 1. प्रशांत किशोर की शुरुआती जिंदगी और जातीय पृष्ठभूमि (Prashant Kishor Cast)
प्रशांत किशोर का जन्म 1977 में बिहार के रोहतास जिले के कोनार गांव में हुआ। हालांकि बाद में उनके पिता बक्सर आ गए और वहीं उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई-लिखाई की। उनका परिवार परंपरागत ब्राह्मण पृष्ठभूमि से आता है। यानी प्रशांत किशोर की जाति ब्राह्मण है। पिता डॉ. श्रीकांत पांडेय पेशे से डॉक्टर थे और लंबे समय तक शाहपुर और बक्सर में पदस्थापित रहे। मां सुशीला पांडेय गृहणी थीं। प्रशांत किशोर के माता-पिता अब दोनों इस दुनिया में नहीं रहें।
🟡 2. प्रशांत किशोर शिक्षा और करियर की शुरुआत (Prashant Kishor Education)
प्रशांत किशोर ने शुरुआती पढ़ाई बक्सर से की और फिर हैदराबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़कर करीब 8 साल तक काम किया। वह अफ्रीका में यूनिसेफ के मिशन चीफ भी रह चुके हैं। यानी राजनीति में आने से पहले पीके एक पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट के तौर पर अपनी पहचान बना चुके थे।
🟡 3. प्रशांत किशोर परिवार और निजी जिंदगी (Prashant Kishor Family wife)
प्रशांत किशोर की पत्नी का नाम जाह्नवी है, जो असम के गुवाहाटी से हैं और पेशे से डॉक्टर हैं। दोनों की मुलाकात संयुक्त राष्ट्र के एक स्वास्थ्य कार्यक्रम में हुई थी, जो बाद में दोस्ती और फिर शादी में बदल गई। इस दंपति का एक बेटा भी है। प्रशांत किशोर दो भाई हैं। पीके के बड़े भाई अजय किशोर कारोबारी हैं। प्रशांत किशोर अपनी पर्सनल लाइफ सीक्रेट रखना पसंद करते हैं।
🟡 4. प्रशांत किशोर का राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर सफर
प्रशांत किशोर का राजनीति में सफर बेहद दिलचस्प रहा है।
🔹 2011: गुजरात के 'वाइब्रेंट गुजरात' कार्यक्रम के पीछे उनकी रणनीति थी।
2012 गुजरात विधानसभा चुनाव: नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने में PK की रणनीति अहम रही।
🔹 2014 लोकसभा चुनाव: बीजेपी की ऐतिहासिक जीत में 'चाय पर चर्चा' और '3D मोदी' जैसे कैंपेन ने बड़ी भूमिका निभाई, जिन्हें PK ने ही डिजाइन किया था।
🔹 2015 बिहार विधानसभा चुनाव: महागठबंधन (जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस) के लिए रणनीति बनाई और जीत दिलाई।
🔹 2017 पंजाब चुनाव: कांग्रेस को कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में सत्ता तक पहुंचाया।
🔹 2019 आंध्र प्रदेश चुनाव: वाईएसआर कांग्रेस को जगनमोहन रेड्डी के नेतृत्व में 175 में से 151 सीटें दिलाने में मदद की।
🔹 2020 दिल्ली चुनाव: आम आदमी पार्टी की शानदार वापसी के पीछे भी PK और उनकी टीम I-PAC का दिमाग था।
🔹 प्रशांत किशोर ने सिटिजन फॉर अकाउंटबेल गवर्नेंस (CAG) नाम से एक टीम बनाई, जो बाद में इंडियन पॉलिटिकल ऐक्शन कमिटी (I-PAC) बनी। यह प्लेटफॉर्म छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स को राजनीति और नीति-निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ता है।
🟡 5. जनसुराज और बिहार 2025
2018 में PK ने जेडीयू ज्वॉइन की और नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी का उपाध्यक्ष बना दिया। लेकिन जल्द ही मतभेद बढ़े और उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया। इसके बाद प्रशांत किशोर ने जन सुराज आंदोलन की शुरुआत की। यह आंदोलन अब एक पार्टी का रूप ले चुका है। लेकिन बिहार चुनाव 2025 में दमखम ना दिखा पाया। पीके की पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई।












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