Bihar Politics: PM Modi के दांव से एक बार फिर बदली बिहार की सियासत, समझिए समीकरण
Bihar Politics: बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। 'NDA बनाम INDIA' की सियासत तेज़ हो चुकी है। बिहार में भाजपा भी अपनी सियासी ज़मीन मज़बूत करने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर काम कर रही है। वहीं एक बार फिर पीएम मोदी के दांव ने बिहार की सियासत को नया रुख दे दिया है।
बिहार के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश में विभिन्न पार्टियां (राजद, जदयू समेत अन्य दल) सियासी कार्यक्रम का आयोजन कर विशेष समुदाय को लुभाने की कोशिश में है। इसी क्रम में केंद्र की मोदी सरकार के एक दांव ने प्रदेश का राजनीतिक समीकरण को अलग मोड़ दे दिया है।

कर्पूरी ठाकुर की जयंती से महज़ कुछ ही घंटे पहले मोदी सरकार ने कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत रत्न देने का फ़ैसला लिया है। आपको बता दें कि कर्पूरी ठाकुर का ताल्लुक नाई समुदाय (हज्जाम जाति) से था, जो कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शुमार होता है।
केंद्र सरकार के इस फ़ैसले से बिहार के पिछले तीस सालों की सियासत की नींव को हिला दी है। पिछड़े और अति पिछड़ों की सियासत करने वाली पार्टी राजद और जदयू को जबरदस्त चुनावी झटका दिया है। कर्पूरी ठाकुर को लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भारत रत्न से नवाज़ने का फ़ैसला पीएम मोदी का के मास्टर स्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है।
पीएम मोदी ने जिस तरह से कमंडल और मंडल की सियासी चाल चली है। इस दांव से बिहारी का सियासी पारा चढ़ गया है। पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को नई रणनीति बनान पर मजबूर कर दिया है। सियासी गलियारों में चर्चा तेज़ है कि पीएम मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के ज़रिए पार्टी की देशभर में राजनीतिक पकड़ मज़बूत कर ली है।
पीएम मोदी का हिंदुत्व कार्ड बिहार में कितना काम करता है, यह तो चुनावी नतीजे बताएंगे, लेकिन बिहार के पूर्व सीएण कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का फ़ैसला अगड़ी के साथ-साथ पिछड़ी जाति के वोटबैंक पर भी क़ब्ज़ा जमाने जैसा माना जा रहा है।
लालू यादव और नीतीश कुमार की पार्टियों के साथ ही बिहार के ओबीसी मतदाताओं का झुकाव रहा है। यह चर्चा तेज़ थी कि बिहार में सीएम नीतीश कुमार का जाति आधारित गणना, आरक्षण दायरा बढ़ाने का दांव लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को फ़ायदा पहुंचा सकता है।
केंद्र सरकार द्वारा पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का फ़ैसला लालू और नीतीश के पिछड़े वोट बैंक की पकड़ को ढीला कर सकता है। पीएम मोदी ने अपने सियासी दांव (प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम, कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का फ़ैसला) से अगड़ी और पिछड़ी जातियों को साधने का मास्टरस्ट्रोक खेला है। आगामी लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को इसका सीधा फ़ायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।












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