Bihar News: कंपकपाती ठंड बनी जानलेवा, 30 दिन में 300 मामले, 37 की इलाज के दौरान मौत
Cold Wave In Bihar: देश भर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बिहार के विभिन्न ज़िलों में सर्दी का सितम जारी है। वहीं बिहार की राजधानी पटना में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस वजह से ब्रेन स्ट्रोक के मरीज़ों की तादाद बढ़ रही है। आंकड़ों पर नज़र डालें तो पिछले 30 दिनों में 300 से ज़्यादा नए मामले सामने आ चुके हैं। इलाज के दौरान 27 लोगों की मौत भी हो गई है।
PMCH और IGIMS पटना में पिछले एक महीने में ब्रेन हेमरेज और स्ट्रोक के मरीज़ों की तादाद में तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है। 30 दिनों में ब्रेन स्ट्रोक के 309 मरीज़ सामने आये हैं। IGIMS में 175 मरीज़ और PMCH में 134 भर्ती कराए हुए हैं।

175 मरीज़ (आईजीआईएमएस में भर्ती) इनमें से 125 मरीज़ ब्रेन स्ट्रोक (लकवा) से पीड़ित होकर भर्ती हुए। वहीं 50 मरीज़ ब्रेन हेमरेज के भर्ती हुए हैं। डॉ. मनीष मंडल (उपनिदेशक सह अस्पताल अधीक्षक) की मानें तो ब्रेन हेमरेज से पीड़ित 50 मरीज़ों में से इलाज के दौरान 10 मरीज़ों की मौत हो गई। ब्रेन स्ट्रोक मरीज़ों को 10 से 12 दिनों तक इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया।
डॉ. संजय कुमार (वरीय चिकित्सक, न्यूरोलॉजी विभाग, पीएमसीएच) की मानें तो ब्रेन स्ट्रोक-हेमरेज के कुल 134 मरीज इमरजेंसी में भर्ती कराये गए। इसमें से 82 मरीज़ स्किमिक स्ट्रोक और 52 मरीज़ ब्रेन हेमरेज के शिकार पीड़ित थे।
पीएमसीएच के न्यूरोलॉजी के विभाग के दूसरे वरीय चिकित्सक डॉ. गुंजन कुमार ने कहा कि ब्रेन हेमरेज के शिकार मरीज बहुत ही गंभीर अवस्था में भर्ती करवाए गए। 30 दिनों में 27 मरीज़ों की मौत सिर्फ ब्रेन हेमरेज से से हुई।
ब्रेन हमरेज और ब्रेन स्ट्रोक से बचाव के लिए 50 से ज्यादा उम्र के लोगों को नियमित रुप से बीपी की जांच करानी चाहिए। बीपी और शुगर के मरीज़ों को किसी भी हाल में दवा नहीं छोड़नी चाहिए। बीपी और शुगर को कंट्रोल में रखना ज़रूरी है। कॉलेस्ट्रॉल को काबू में रखे. परेशानी बढ़ने पर तुरंत एक्सपर्ट से सलाह लें।
ठंड ज्यादा होने पर घर से बाहर निकलने से परहेज़ करें। शरबा, धूम्रपान और नशीली चीज़ों के सेवन से बचें। इसके साथ ही रजाई से तुंरत निकलकर शौचालय नहीं जाएं। खुद को वार्म अप करने के बाद बाथरूम जाएं।
एकस्पर्ट डॉक्टर्स की मानें तो ठंड बढ़ने की वजह ब्रेन हेमरेज मरीज़ों की तादाद अचानक बढ़ जाती है। किसी इंसान के दिमाग़ की नस में खून अचानक से पहुंचना बंद होने की वजह से ब्रेन स्ट्रोक होता है। इससे दिमाग़ के प्रभावित हिस्से के सेल डैमेज होने लगते हैं। इसकी वजह से चेहरे, हाथ या पैर में लकवा की शिकायत होती है।












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