'ये अपने में बहुत हास्यास्पद है.....': विपक्षी नेताओं से चिराग पासवान ने क्या पूछा? देखिए
Patna Opposition Party Meet: एलजेपी के नेता और सांसद चिराग पासवान ने विपक्षी दलों की पटना में हुई बैठक के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर विपक्षी दलों के नेताओं से नीतीश से कुछ सवाल पूछने को कहा है।
लोकजनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के जमुई लोकसभा क्षेत्र से पार्टी सांसद चिराग पासवान ने पटना की बैठक में शामिल हुए विपक्षी दलों के नेताओं से कहा है कि वह नीतीश कुमार से ये सवाल जरूर करें कि उनके 18 साल के शासनकाल के बाद भी बिहार पिछड़ा हुआ क्यों है?

विपक्षी दलों के नेता नीतीश से ये सवाल जरूर पूछें- चिराग पासवान
उन्होंने कहा है, 'क्यों बिहार में अभी तक अपराध नियंत्रित नहीं हुआ, क्यों बिहार में हर योजना में भ्रष्टाचार चलता है...एक तरफ पुल हवा में गिरता है, तो दूसरी तरफ बांध को चूहे कुतर जाते हैं...ये सवाल नीतीश कुमार जी से तमाम विपक्षी दलों के नेताओं का पूछना जरूरी है....'
यह अपने में बहुत हास्यास्पद है- चिराग पासवान
चिराग ने कहा है, 'जहां एक तरफ आप (नीतीश) देश का नेतृत्व करने की सोच रख रहे हैं, तो क्यों आपके प्रदेश की हालात इतने बदतर हैं...' उन्होंने कहा, 'जिस मुख्यमंत्री के पास अपने राज्य को विकसित करने की कोई सोच न हो, वह देश का नेतृत्व करने की सोच रखते हैं, यह अपने में बहुत हास्यास्पद है.....'
भाजपा के खिलाफ मिलकर लड़ने पर सहमति
गौरतलब है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पहल पर शुक्रवार को देशभर के करीब 17 विपक्षी दलों के 32 नेता भाजपा और मोदी सरकार के खिलाफ एजेंडे के साथ एकजुट हुए। इस बैठक में सभी दलों ने अगला लोकसभा चुनाव साथ में मिलकर लड़ने पर सहमति जताई है।
विपक्ष की अगली बैठक शिमला में
विपक्षी दलों की अगली बैठक हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में होगी और जानकारी के मुताबिक तब उसकी अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे। हालांकि, विपक्षी दलों की बैठक के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस से नदारद रहे।
कांग्रेस को लेकर आम आदमी पार्टी का स्टैंड बेहद सख्त
बाद में आम आदमी पार्टी की ओर से एक बयान जारी किया गया और उसमें कहा गया कि कांग्रेस जिस तरह से दिल्ली पर केंद्र सरकार के ऑर्डिनेंस पर अपना रुख साफ नहीं कर रही है तो आगे कि किसी भी गठबंधन वाली बैठक में उसका शामिल होना मुश्किल होगा, अगर उसमें कांग्रेस भी हिस्सा लेगी।












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