Muzzaffarpur Kidney Case: आरोपियों का नहीं मिल पा रहा सुराग, कुर्की ज़ब्ती की तैयारी में पुलिस
Muzzaffarpur Kidney Case:3 सितंबर को महिला का ऑपरेशन शुभकांत क्लिनिक (बरियारपुर) में हुआ था। अनऑथराइज्ड डॉक्टर पवन कुमार ने ऑपरेशन किया था जिसके बाद लगातार महिला की तबियत बिगड़ती जा रही है। डायलिसिस के सहारे पीड़िता...
Muzaffarpur Kidney Case: बिहार के मुजफ्फपुर ज़िले के चर्चित किडनी कांड मामले में पुलिस को अभी तक कामयाबी नहीं मिल पाई है। मुजफ्फरपुर पुलिस अब आरोपी की संपत्ति कुर्की-ज़ब्ती करने की तैयारी कर रही है। पुलिस द्वारा आरोपी डॉक्टर पवन कुमार की संपत्ति की कुर्की-ज़ब्ती के लिए कोर्ट में अपील की जाएगी। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी। आपको बता दें कि इससे पहले कोर्ट से आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए अरेस्ट वारंट भी जारी हो चुका है, लेकिन आरोपियों को धर दबाचने में पुलिस को कामयाबी नहीं मिली है।

कुर्की ज़ब्ती की तैयारी में पुलिस
मुजफ्फरपुर किडनी कांड मामले की जांच कर रहे अधिकारी डीएसपी मनोज कुमार पांडेय की मानें तो किडनी कांड के दोनों आरोपी राज्य के बाहर हैं। वहीं एक आरोपी का आखिरी लोकेशन देश के बाहर भूटान में मिला था। वहीं दूसरे आरोपी का लास्ट लोकेशन बंगाल था। उन्होंने कहा कि आरोपी राज्य से बाहर हैं, इस वजह से ही उन्हें पकड़ने में परेशानी हो रही है। आरोपियों की संपत्ती की कुर्की-ज़ब्ती के लिए कोर्ट में अपील करने की तैयारी की जा रही है। कोर्ट से आदेश मिलने के बाद उनकी संपत्ति की कुर्की ज़ब्ती की जाएगी। किडनी कांड उजागर होने के तुरंत बाद आरोपी जिले से फरार हो गए थे। आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। इसके साथ ही आईटी टीम से भी सहायता ली जा रही है।

महिला का पिछले 60 दिनों से इलाज जारी
पटना के आईजीआईएमएस अस्पताल में पीड़ित महिला का पिछले 60 दिनों से इलाज जारी है। हर दूसरे दिन डायलिसिस के सहारे महिला ज़िंदगी और मौत से जंग लड़ रही है। पीड़ित महिला के पति अकलू राम ने कहा कि किडनी का इंतेज़ाम नहीं हो पा रहा है। अस्पताल प्रंबंधन ने खुद से ही किडनी का इंतज़ाम करने के लिए कहा है। वहीं परिवार का कोई स्दस्य किडनी डोनेट करने के लिए राज़ी नहीं है। आपको बता दें कि किडनी कांड मामले में एस के झा (मानवाधिकार अधिवक्ता) मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर की है। उन्होंने आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

3 सितंबर को हुआ था महिला का ऑपरेशन
3 सितंबर को महिला का ऑपरेशन शुभकांत क्लिनिक (बरियारपुर) में हुआ था। अनऑथराइज्ड डॉक्टर पवन कुमार ने ऑपरेशन किया था जिसके बाद लगातार महिला की तबियत बिगड़ती जा रही है। डायलिसिस के सहारे पीड़िता ज़िंदगी की जंग लड़ रही है। वहीं सिविल सर्जन का कहना है कि बिना किडनी के मरीज ज्यादा दिनों तक जिंदा नहीं रह सकता है। डायलिसिस कुछ वक्त के लिए ही होता है। महिला को किडनी ट्रांसप्लांट की ज़रूरत है। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कई जांच और बहुत सी प्रक्रिया है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि किडनी डोनर मिले या अगर उसके परिवार से कोई कोई किडनी डोनेट के लिए तैयार हो तो आईजीआईएमएस इस पर गौर करेगा। आईजीआईएमएस में दोबारा से महिला की जांच होगी और फिर रिपोर्ट के मुताबिक इलाज किया जाएगा।

बरियारपुर थाने में दर्ज हुई थी शिकायत
पीड़ित महिला की मानें तो डॉक्टर ने पेट में गोला होने की बात कही थी, आपरेशन के लिए 30 हज़ार रुपये भी लिए थे। ऑपरेशन में डॉक्टर ने किडनी ही निकाल ली। झोलाछाप डॉक्टर पवन ने गर्भाशय में ट्यूमर के नाम पर 3 सिंतबर को ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन के बाद से ही महिला की तबियत बिगड़ने लगी थी। जब परिजनों ने एसकेएससीएच में जांच कराया तो किडनी नहीं होने की बात सामने आई। इस मामले में प्राथमिकि दर्ज होने के बाद जब जांच की गई तो क्लिनिक अनऑथराइज्ड था, जिसमे सरकारी मानदंडों का ख्याल नहीं रखा गया था।

पीड़ित के परिजनों ने लगाया आरोप
पीड़ित के परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि क्लिनिक संचालक पवन कुमार और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों ने किडनी निकाला है। वहीं बरियारपुर थाने में इस मामले में शिकायत दर्ज की गई। जिसके बाद नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ ह्यूमन पार्ट्स ट्रांसप्लांट एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
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