बिहार की बेटी युसरा का कमाल, 15 साल की उम्र में लिखा ऐसा कि इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में नाम दर्ज
Motivational Story, Bihar Daughter Yushra Fatma India Record: बिहार के बेटों से बेटियां भी कम नहीं है, इस बात को सीवान ज़िला की रहने वाली युशरा फातिमा ने साबित कर दिखाया। महज़ 15 साल की उम्र में चार किताब लिखने वाली युशरा भारत की पहली बेटी हैं।
सीवान ज़िला के तेतहली गांव (बरहड़िया प्रखंड) की रहने वाली युसरा फ़ातमा, शकील अहमद और अर्शिया फातमा की छोटी बेटी हैं। युशरा फातमा अभी सिर्फ 15 साल 6 महीने की हैं, इतनी कम उम्र में सबसे ज्यादा किताब लिखने का भी खिताब अपने नाम अपने कर चुकी हैं। ग़ौरतलब है कि युशरा की सीवना के मशहूर क्रिकेटर कैफ़ भी हौसला अफज़ाई कर चुके हैं।

आपको बता दें कि युशरा 8 साल की उम्र से नज़्म (कविता) लिखती आ रही है। अपनी बेटी की कामयाबी पर यूसरा फातमा की मां और पिता काफी खुश हैं। उन्होंने अपने बेटी के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए खुशी का इज़हार किया।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के डॉ विश्वरूपम चौधरी ने भी युशरा के रिकॉर्ड बनने पर ऑनलाइन सम्मानित किया है। युसरा ने बताया कि वह भविष्य में ऐसे रिकॉर्ड बनाना चाहती है, जो कि काफी लंब समय तक चर्चा में रहे। जल्दी उस रिकॉर्ड को कोई तोड़ नहीं सके। वहीं उन्होंने कहा कि भविष्य में वह पहले से बने रिकॉर्ड तोड़ने के लिए भी मेहनत कर रही है।
युसरा फ़ातमा ने कहा कि आगे वह कौन सा रिकॉर्ड बनाएंगी यह ख़ुद नहीं जानती है। इसलिए इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी। वहीं युशरा के गांव वालों ने कहा कि गांव की बेटी की कामयाबी से काफी खुश हैं। बहुत ही कम उम्र में युसरा ने गांव और जिले का नाम रोशन किया है। उम्मीद है कि देश के साथ-साथ विदेशों में भी गांव और जिले का नाम रोशन कर प्रदेश को अलग पहचान दिलाएंगी।












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