Bihar News: औद्योगिक विकास की राह पर बिहार, युवाओं को वेतन, स्टायपेंड और अनुभव, दो बड़ी योजनाओं की शुरुआत
Bihar News: बिहार लंबे समय से औद्योगिक पिछड़ेपन और रोजगार पलायन की दोहरी चुनौती से जूझ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना और मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना का एक साथ क्रियान्वयन, राज्य के विकास पथ पर एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, विनिर्माण क्षेत्र को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ रोजगार सृजन के लिए ठोस प्रोत्साहन देती है। न केवल कर्मचारियों को पहले महीने का वेतन मिलता है, बल्कि नियोक्ताओं को भी लंबे समय तक लाभ देकर अतिरिक्त रोजगार के लिए प्रेरित किया जाता है।

निजी क्षेत्र में नियुक्तियां बढ़ेंगी
इससे यह उम्मीद बनती है कि निजी क्षेत्र में नियुक्तियां बढ़ेंगी और युवाओं को पहली नौकरी पाने की राह आसान होगी। मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना की विशेषता यह है कि यह केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव दिलाती है।
12वीं पास से लेकर स्नातकोत्तर तक, सभी को उनकी योग्यता के अनुसार स्टायपेंड और भत्ता दिया जाता है। खासतौर पर गृह जिले से बाहर काम करने वालों के लिए अतिरिक्त सहायता, उन्हें औद्योगिक केंद्रों में जाने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।
उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने क्या कहा?
मंगलवार को विकास भवन सभाकक्ष में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना और मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को रोजगार,तैयार बनाने, व्यावहारिक अनुभव दिलाने और राज्य के औद्योगिक विकास को गति देना था।
बिहार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि "बिहार अब औद्योगिक उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना राज्य को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाएगी। बड़े पैमाने पर रोजगार के साथ-साथ एक प्रशिक्षित कार्यबल का निर्माण होगा।"
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना: मुख्य बिंदु
उद्देश्य: विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना
युवाओं को लाभ: पहले महीने का वेतन (₹15,000 तक)
नियोक्ताओं को लाभ:
2 वर्ष के लिए अतिरिक्त रोजगार पर प्रोत्साहन
विनिर्माण क्षेत्र के लिए 4 वर्षों तक लाभ
फोकस: नए रोजगार के अवसर और उत्पादन क्षमता में वृद्धि
मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना: युवाओं के लिए इंटर्नशिप और स्टायपेंड
पात्रता: बिहार के स्थायी निवासी, आयु 18-28 वर्ष, न्यूनतम 12वीं पास
स्टायपेंड:
12वीं पास: ₹4,000/माह
आईटीआई/डिप्लोमा: ₹5,000/माह
स्नातक/परास्नातक: ₹6,000/माह
अतिरिक्त भत्ता:
गृह जिले से बाहर (बिहार में) पहले 3 माह: ₹2,000/माह
बिहार से बाहर: पूरी अवधि ₹5,000/माह
अवधि: 3 माह से 12 माह की इंटर्नशिप (कम से कम 50% व्यावहारिक प्रशिक्षण)
योजनाओं से संभावित प्रभाव
राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा
कुशल मानव संसाधन का निर्माण
युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि
स्थानीय और बाहरी कंपनियों में रोजगार का विस्तार
इन दोनों योजनाओं के संयुक्त क्रियान्वयन से बिहार न केवल औद्योगिक विकास की ओर एक बड़ा कदम उठाएगा, बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य में भी अहम योगदान देगा।












Click it and Unblock the Notifications