बहनों को छुड़ाने के लिए 3 हज़ार KM सफ़र तय कर के दूसरे देश से आई युवती, जानिए क्या है पूरा मामला?

Uzbekistan Girl Came To Release Her Sister: करीब 1 साल से उज़्बेकिस्तान की 3 युवती बेगुनाह होते हुए भी बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन में बंद है। जबकि अररिया कोर्ट में वह निर्दोष साबित हुई थी।

Uzbekistan Girls In India: शोसल मीडिया के ज़रिए दोस्ती से लोगों की ज़िंदगी बर्बाद होने की कई खबर सामने आ चुकी है। ठीक ऐसा ही मामला उज्बेकिस्तान की युवती के साथ भी हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक उज़्बेकिस्तान की 3 युवती को फ़ेसबुक के ज़रिए एक युवक से दोस्ती हुई थी।

फेसबुक पर दोस्ती के बाद युवतियों को नेपाल के रास्ते हिंदुसतान में दाखिल कराया गया। जिस्मफरोसी के धंधे धकेलने की प्लानिंग हो ही रही थी कि 27 अक्टूबर 2021 को बिहार के अररिया ज़िले में SSB ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद उन्हे कोर्ट में हाज़िर किया गया।

Girl Travelled From Uzbekistan To Hindustan To Release Her Sister From BICA Bihar News Hindi

अररिया कोर्ट ने तीनों के बेगुनाह बताते हुए वापस उज़्बेकिस्तान भेजने का फ़ैसला सुनाया। इसके बावजूद करीब 1 साल से तीनों युवतियां बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन में क़ैद हैं। बिहार पहुंची युवती की बड़ी बहन ने कहा कि हर रोज़ बहनों के छूटने का इंतज़ार कर रही हूं।

उज्बेकिस्तान से हिंदुस्तान (पटना) पहुंची युवती, अपनी बहनों को वापस ले जाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। पिछले डेढ़ साल से इंडिया में वह अपनी बहनों की तलाश में भटक रही है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पा रही है। विदेशी युवती ने बताया कि 8 अगस्त 2022 को अररिया कोर्ट ने निर्दोष बताते हुए निर्वासन (वापस भेजने) का आदेश दिया था।

कोर्ट के आदेश के बाद तीनों युवतियों को BICA हाजीपुर में रखा गया है। बिहार आई विदेशी युवती ने कहा कि बिना पासपोर्ट के उनकी बहनों को मानव तस्करी में फंसा कर नेपाल के रूट से इंडिया में दाखिल कराया गया था। इसके बाद SSB ने पकड़ लिया। उसके बाद बहनों को एक कॉल करने दिया गया था, जिससे उनके पकड़े जाने की सूचना मिल पाई थी।

विदेशी महिला का आरोप है कि बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन में उनकी बहनों के साथ गलत व्यवहार हो रहा है। उनके पहनने के लिए कपड़ा और खाना नहीं दिया जाता है। वहीं काफी मशक्कत के बाद BICA ने बहनों से मिलने दिया।

विदेशी युवती का आरोप है कि BICA में क़ैद बहनों से जब मिल रही थी, तो वहां BICA के अधिकारी थे। इस वजह उनकी बहनों ने अपने साथ हो रहे गलत व्यवहार के बारे में खुलकर नहीं बताया। बेगुनाह होते हुए भी उनकी बहनों को नहीं छोड़ा जा रहा है।

बिहार सरकार द्वारा BICA (बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ करेक्शनल एडमिंस्ट्रेशन) बनाया गया है। इसके तहत किसी भी मामले में कोई भी विदेशी लड़की अगर बिहार में पकड़ी जाती है तो, कोर्ट से निर्दोष साबित होने के बाद वैसी लड़कियों को जेल में न रखने की बजाय BICA हाजीपुर में रखा जाता है।

जब तक उनके देश की ऐंबैसी यह साबित नहीं करती है कि यह लड़कियां हमारे यहां की नागरिक हैं और उनका ट्रैवल डॉक्यूमेंट नहीं भेजते तब तक उन्हें यहीं BICA में रखा जाता है। बिहार सरकार द्वारा यह सिर्फ विदेशी लड़कियों के लिए बनाया गया है।

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