कैंसर पीड़ित बच्ची को सड़क किनारे तड़पता छोड़ फरार हुए मां-बाप
पटना। बिहार के गोपालगंज में एक कैंसर पीड़ित बच्ची सड़क पर तड़पती हुई मिली। इस बच्ची को उसके मां-बाप ही छोड़कर फरार हुए हैं। बच्ची भूख के कारण इधर उधर भटकते हुए जोर जोर से चिल्ला रही थी तभी आसपास के लोगों कि नजर उस पर पड़ी। फिर स्थानीय लोगों के सहयोग से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने बताया कि इसे गलैंड्स कैंसर है और इसकी हालत काफी नाजुक है।

मिली जानकारी के अनुसार मामला गोपालगंज जिले के बरौली की है। जहां के सदौवा के रहनेवाले रामसूरत राम की 8 वर्षीय बच्ची बबुन्ति कुमारी को कैंसर की बीमारी थी। परिवार से गरीब होने के कारण उसके मां-बाप उसका उचित इलाज नहीं करवा पा रहे थे। प्राथमिक इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाते थे पर जिले में आई भयानक बाढ़ के कारण सब कुछ खत्म हो गया। यहां तक की उनके परिवार को भोजन के लिए सोचना पड़ रहा था। पिछले 2 दिनों से बच्ची की बीमारी काफी परेशान कर रही थी तो दूसरी तरफ खाने की चिंता, जिस से मजबूर होकर मां बाप अपनी आंखों से दूर उसे मरने के लिए सड़क के किनारे छोड़कर फरार हो गए। लेकिन आस-पास के लोगों की आर्थिक मदद के वजह से अब उसका इलाज सही ढंग से चल रहा है।
सदर अस्पताल के डॉक्टर नेमतुल्लाह ने बताया कि बच्ची का गलैंड्स कैंसर लास्ट स्टेज पर पहुंच चुका है इसे हायर इंस्टिट्यूट में इलाज की जरुरत है। फिलहाल उसका इलाज किया जा रहा है और जरुरत पड़ने पर उसे पटना रेफर करने की भी बात बताई जा रही है। अपनी दर्द भरी कहानी सुनाते हुए कैंसर पीड़ित बच्ची की मां शीला देवी ने बताया कि पिछले 2 दिनों से हमें और हमारे परिवार वाले को इस बच्ची की हालत देखी नहीं जा रही थी इसी कारण हम लोगों ने इसे रास्ते पर अकेला छोड़कर भाग गए ताकि हमारी नजरों से दूर वह आसानी से मर सके लेकिन आसपास के लोग हमारे और हमारे बच्चे के लिए फरिश्ता बनकर आए और हमारी मदद की। अब इन लोगों की मदद से हमारी बच्ची में फिर से जीने का नया आश जगा है।
बीमारी के बारे में जानकारी देते हुए बच्ची के पिता ने बताया कि आज से 3 साल पहले उसके गले में एक गाठ हुई थी। जिसका इलाज के लिए उसे गोपालगंज, बरौली, बड़हडिया, सीवान के कई हॉस्पिटल मे ले गए लेकिन कही भी गाठ ठीक नहीं हुआ। फिर हम लोगों को पता चला कि उसे ग्लैंड्स कार्सिनोमा है जिसके इलाज में हमें लाखों रुपए लगेंगे। इतना पैसा लगाने मे हम लोग असमर्थ थे इसी वजह से ऐसा कदम उठाया। किसी तरह दिन कट रहा था इसी बीच भयानक बाढ़ ने आ कर सबकुछ तबाह कर दिया। जब भुखमरी की चिंता सताने लगी तो बच्चे का दर्द देखा नहीं गया तो उसे सड़क के किनारे छोड़ हम लोग चले गए।
वहीं इस बात की जानकारी जैसे ही जिला अधिकारी को हुई उन्होंने भी बच्ची को मदद करने का आश्वासन देते हुए सिविल सर्जन को डॉक्टरों की टीम बनाकर इलाज कराने का निर्देश दिया। फिलहाल गोपालगंज सदर अस्पताल में डॉक्टरो की टीम की निगरानी में कैंसर पीड़िता का इलाज और जांच की जा रही है।












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