Bihar News: प्रदेश में विकास कुतर गए चूहे!1,167 करोड़ की मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन 5 महीने में खोखली, उठे सवाल
Bihar News: बिहार में विकास का हाल अब चूहों के पेट में है। 1,167 करोड़ रुपये की लागत से बनी मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन, जिसका एक लेन मार्च 2025 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़े धूमधाम से उद्घाटन किया था, कुछ ही महीनों में 'चूहे के बिल' की वजह से चर्चा में है।
बारिश का पानी, सड़क की दरारें और अब ठेकेदार का बयान, "चूहों ने बिल कर दिया"-सोशल मीडिया पर मीम्स की नई खुराक बन गया है। लगभग 44.6 किलोमीटर लंबी इस सड़क को बिहार के विकास की 'शान' कहा गया था, लेकिन मॉनसून की शुरुआत के साथ ही इसके किनारों पर बड़े गड्ढे और दरारें उभर आई हैं।

मरम्मत का काम जारी है, लेकिन जनता के मन में सवाल है-इतनी जल्दी सड़क की हालत क्यों बिगड़ गई? स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ, जिससे ढांचा कमजोर पड़ा। "837 करोड़ रुपये से शुरू हुआ प्रोजेक्ट आखिर 1,167 करोड़ में जाकर भी कमजोर क्यों हुआ?"यह सवाल हर चौराहे पर गूंज रहा है।
बीएससीपीएल इंफ्रा के प्रोजेक्ट मैनेजर तरुण प्रसाद का बयान-"चूहों ने बिल कर दिया, पानी बहने से गड्ढा बन गया... रिपेयर हो जाएगा", ने विपक्ष को हमलावर और जनता को हैरान कर दिया है। राजद और कांग्रेस नेताओं ने तंज कसते हुए कहा, "नीतीश जी, ये वही सुशासन है जिसमें सड़कें चूहों के भरोसे हैं? इतने करोड़ के प्रोजेक्ट में चूहे भी वीआईपी हो गए!"
जदयू प्रवक्ता का कहना है कि बरसात में ऐसी स्थिति सामान्य है और मरम्मत तुरंत कराई जा रही है। लेकिन स्थानीय लोग इसे ठेकेदारी और कमीशनखोरी का नतीजा बता रहे हैं। यह प्रोजेक्ट जून 2017 में शुरू हुआ था और मार्च 2020 तक पूरा होना था, लेकिन भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण इसे तीन साल का विस्तार मिला।
बढ़ी हुई अवधि के साथ लागत भी लगभग 330 करोड़ रुपये बढ़ गई। अब उद्घाटन के महज पांच महीने बाद ही सड़क के किनारे 'चूहे के बिल' और गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, जिससे बिहार के 'विकास मॉडल' पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।












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