Delhi Coaching Hadsa:5 हजार करोड़ की शादी हो सकती है,लेकिन छात्रों के सुरक्षा की व्यवस्था नहीं- प्रो. जितेंद्र
Delhi Coaching Hadsa: राजधानी दिल्ली में हुए कोचिंग हादसे पर देश भर नें चर्चा हो रही है। कोचिंग संस्थानों की लापरवाही और मनमानी पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। इन्हीं सब चर्चाओं के बीच वन इंडिया हिंदी से बिहार के शिक्षा जगत से जुड़ी दिग्गज हस्तियों ने बात की, उन्होंने बताई समस्या कहां है। नीचे वीडियो में देख सकते हैं उन्होंने और क्या कुछ कहा है।
वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए राजेंद्र राजन ( पूर्व राष्ट्रीय, महासचिव, प्रलेस) ने कहा कि प्रेमचंद के बारे में आज के बहुत कम युवा जानते होंगे। उनके द्वारा लिखे उपन्यासों को अगर आज के लोग पढ़ लेते, तो इस तरह की छल-कपट की दुनिया से दूर रहते। इंसानियत ज़िंदा रहती और छात्र बेमौत नहीं मरते।

31 जुलाई 1880 को प्रेमचंद का जन्म हुआ था, उस ज़माने में समाज की फैली कुरीतियों को दूर करने की ज़िम्मेदारी उन्होंने उठाई थी। आज जो कोचिंग संस्थान में बच्चों की मौत हुई है, वह सबसे बड़े दुर्भाग्य की बात है, क्योंकि आज समाज में हर एक चीज सिर्फ़ पैसा बन चुकी है।
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इंसान के ज़िंदगी की कोई अहमियत नहीं है। शिक्षा को व्यवसाय बना दिया गया, इसलिए कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा के पैमाने को किनारे रख संचालन किया जाता है। बेसमेंट जहां लोग गैर ज़रूरी चीज़ों को रखते हैं, वहां कोचिंग संचालित होता है। इन सब मामलों पर सरकार को एक्शन लेना चाहिए।
प्रो. रवींद्रनाथ राय, (महासचिव, बिहार प्रलेस) ने वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए कहा कि देश में पांच हज़ार करोड़ की शादी होती है, लेकिन छात्रों की ज़िंदगी का कोई मोल नहीं है। सरकार के नुमाइंदे चाह लेते तो सब व्यवस्था सुधर सकती है।
यहां तो सिस्टम बदलने के लिए परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र ही सिस्टम की बदहाली का शिकार हो रहे हैं। सरकार को चाहिए कि कोचिंग संस्थानों के लिए एक पैमाना तय करे, जो कि पूरे देश में लागू हो। जो सरकार के तय मानकों पर खड़ा नहीं उतरे, उस पर कार्रवाई की जाए।












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