CSP लूटकांड: Smart Watch ने खोल दी लुटेरों की पोल, एक गलती से बिगड़ गया खेल
CSP लूटकांड: पूर्णिया जिले में 19 अक्टूबर को सधबैली (कसबा थाना क्षेत्र) निवासी सीएसपी संचालक संतोष कुमार बैंक ने बैंक रुपये निकासी की थी। 3 लाख 35 हजार रुपए निकालकर अपने भाई के साथ वह बाइक से जा रहे थे। कजरामोड और...
CSP लूटकांड: बिहार के पूर्णिया ज़िले में सीएसपी संचालक संतोष से हुए लूटकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। बदमाशों ने सीएसपी संचालक से 3.35 लाख रुपये लूटने की योजना बनाई लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। लूटने की असफल कोशिश के बाद अपराधियों ने सीएसपी संचालक पर गोलिया बरसाई और वहां से फरार हो गए। बदमाशों के भागने के दौरान उसमें से एक आरोपी का स्मार्टवाच गिर गिया। स्मार्ट वाच के नोटिफिकेशन और संदेश के ज़रिए 6 बदमाशों को पकड़ने में पुलिस ने कामयाबी हासिल की है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला ?

3 लाख 35 हजार रुपए लूटने की कोशिश
पूर्णिया जिले में 19 अक्टूबर को सधबैली (कसबा थाना क्षेत्र) निवासी सीएसपी संचालक संतोष कुमार बैंक ने बैंक रुपये निकासी की थी। 3 लाख 35 हजार रुपए निकालकर अपने भाई के साथ वह बाइक से जा रहे थे। कजरामोड और धर्मकांटा के बीच पहुंचने के बाद बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू किया। एक ही बाइक पर सवार 3 अपराधियों ने पीछा करते हुए उन्हों रोक लिया। बदमाशों ने सीएसपी संचालक से रुपये मांगे तो उन्होंने देने से इनकार कर दिया।

सीएसपी संचालक संतोष को मारी गोली
सीएसपी संचालक के रुपये नहीं देने पर तौसीफ़ आलम नाम के अपराधी ने सीएसपी संचालक संतोष को गोली मारकर घायल कर दिया। इसके बाद हाथापाई में अपराधी के हाथ स्मार्ट वाच गिर गया और वह लोग वहां से फरार हो गए। पुलिस ने स्मार्ट वाच के नोटिफिकेशन के ज़रिए 6 बदमाशों को हथियार समेत गिरफ्तार किया है। अपराधियों के पास से 1 पिस्टल, 2 जिंदा कारतूस, 6 स्मार्ट फोन, 3 बाइक, स्मार्ट वाच का डब्बा, बिल और 30 हजार कैश बरामद किया है।

स्मार्टवाच से मिला अपराधियो का सुराग
सुरेंद्र कुमार सरोज (सदर, एसडीपीओ) ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मौका ए वारदात से बरामद स्मार्ट वाच के नो नोटिफिकेशन और मैसेज के ज़रिए मोहम्मद तौसीफ का सुराग मिला। पुलिस ने तौसीफ को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की तो उसने मनोज कुमार महलदार, राजीव विश्वास, मोहम्मद मुजाहिद, मोहम्मद शमसुल और मोहम्मद जहांगीर का नाम बताया। वहीं यह भी खुलासा हुआ कि तौसीफ़ ने गोली चलाई थी। वहीं मनोज और राजीव ने लूटकांड की भूमिका तैयार की थी। आपकों बता दें कि केनगर और मुफस्सिल थाना में गिरफ्तार इन अपराधियों के ऊपर 3 और लूटकांड का मामला पहले से दर्ज है।
ये भी पढ़ें: Cyber Scam: बिहार के मुख्यसचिव के खाते से पैसे उड़ाने की कोशिश, 24 घंटे में शातिर गिरफ्तार












Click it and Unblock the Notifications