'कांग्रेस का कोई भविष्य नहीं.....कन्हैया और बर्बाद कर देंगे'-अब RJD ने भी सहयोगी के खिलाफ मोर्चा खोला
मुजफ्फरपुर, 1 अक्टूबर: बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी ने कन्हैया कुमार को कांग्रेस में शामिल करने के बाद अपनी सहयोगी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई से कांग्रेस में शामिल हुए कन्हैया कुमार की खिल्ली उड़ाते हुए कहा है कि वे कांग्रेस के लिए 'दूसरे नवजोत सिंह सिद्धू साबित होंगे' और इस पुरानी पार्टी को 'बर्बाद' कर देंगे। लालू यादव की पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कांग्रेस को डूबता हुआ जहाज कहकर मजाक उड़ाया है और यहां तक कह दिया है कि इसका कोई भविष्य नहीं है। पार्टी ने कहा है कि कन्हैया कुमार के शामिल होने से कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होगा। दरअसल ऐसी खबरें हैं कि कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर आरजेडी नेतृत्व काफी नाराज है और अपने प्रवक्ताओं को भी इस मसले पर बोलने के लिए हिदायतें दे रखी हैं।

'कांग्रेस डूबता जहाज.....कोई भविष्य नहीं है'
सीपीआई से दल बदल करके कांग्रेस में शामिल हुए कन्हैया कुमार के उस बयान पर शिवानंद तिवारी ने तीखी टिप्पणी की है, जिसमें उन्होंन कहा था कि 'कांग्रेस एक विशाल जहाज है, जिसे बचाने की जरूरत है।' इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए तिवारी ने कहा कि 'वह एक और नवजोत सिंह सिद्धू की ही तरह हैं, जो पार्टी को और बर्बाद कर देंगे।' उन्होंने संवाददाताओं से कहा है कि 'कन्हैया कुमार के शामिल होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वह पार्टी को नहीं बचा सकते। कांग्रेस एक डूबता जहाज है और इसका कोई भविष्य नहीं है।'

बिहार में राजद की सहयोगी है कांग्रेस
राजद सूत्रों का कहना है कि पार्टी कन्हैया कुमार को कांग्रेस में शामिल कराए जाने को लेकर नाराज है और उसने इस संबंध में तेजस्वी यादव की अगुवाई वाली पार्टी से कोई विचार भी नहीं किया है। बता दें कि बिहार में लगभग दो दशकों से कांग्रेस राजद की अगुवाई वाले गठबंधन की छोटी सहयोगी बनकर राजनीति कर रही है और पिछले साल बिहार विधानसभा चुनावों में भी उसने आरजेडी के साथ ही एनडीए के खिलाफ चुनाव लड़ा था। राष्ट्रीय जनता दल की ओर से कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आई इतनी सख्त टिप्पणी को लेकर बिहार कांग्रेस के नेताओ ने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है।
तेजस्वी की राजनीति को कन्हैया से खतरा ?
सूत्रों के मुताबिक बिहार विधानसभा चुनावों से पहले भी चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कन्हैया कुमार को कांग्रेस में शामिल करवाने की काफी कोशिश की थी। लेकिन, लालू यादव की पार्टी के सख्त ऐतराज के चलते कांग्रेस ऐसा नहीं कर पाई थी। बिहार की राजनीति को समझने वालों का कहना है कि राजद कभी भी गठबंधन में तेजस्वी यादव के मुकाबले किसी भी युवा को नेता के तौर पर उभरते नहीं देना चाहती है। यही नहीं, कन्हैया कुमार भूमिहार जाति से आते हैं और लालू-राबड़ी की 'माय या मुस्लिम यादव' समीकरण में यह फिट नहीं बैठती है। जबकि, कांग्रेस को यह उम्मीद है कि कन्हैया कुमार के आ जाने से वह बिहार की राजनीति में अपना दशकों पुराना दबदबा फिर से हासिल कर सकती है।












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