CM Nitish Viral Video: ‘हंगामा है क्यों बरपा’, सीएम ने महिला के कंधे पर रखा हाथ, किसे हुई सबसे ज्यादा परेशानी?
CM Nitish Kumar Viral Video: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आचरण ने उन्हें एक बार फिर सवालों के घेरे में ला दिया है। सहकारिता विभाग के एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर सम्मानित हो रही एक महिला के कंधे पर हाथ रखते हुए देखे गए।
सार्वजनिक रूप से कैमरे में कैद हुई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस हरकत ने नई बहस छेड़ दी है। गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी और बाद में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हस्तक्षेप के बाद में महिला को दूर करने को लेकर यह चर्चा का विषय बन गया है कि किसे हुई सबसे ज़्यादा परेशानी।

इस वीडियो पर सियासी जानकारों का कहना है कि यह घटना पुरस्कार समारोह के दौरान हुई, जहां अधेड़ उम्र की महिला को सम्मानित किया जा रहा था। नीतीश कुमार पुरस्कार विजेता को देखकर खुश नज़र आए, ऐसा लग रहा था जैसे कि पहले से परिचित हैं।
इसी दौरान उनकी हरकतें फोटो के लिए कंधे पर हाथ रखने तक बढ़ गईं, जो सब वीडियो में क़ैद हो गया। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को नियंत्रित करते हुए मामले को संभालते हुए नज़र आए, जिसने एक और सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भाजपा ही नीतीश कुमार को अस्वस्थ्य बताने में जुट गई है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नीतीश कुमार के हाथ को हटाकर, क्या ये दिखाना चाहते हैं कि वह बहुत समझदार हैं, नीतीश कुमार की सेहत ठीक नहीं है। क्योंकि भाजपा नीतीश कुमार को अस्वस्थ करार देते हुए खुद का सीएम उम्मीदवार घोषित कर सके। अभी नीतीश कुमार को रिटायरमेंट ले लेने की ज़रूरत है।
यहां सवाल यह उठता है कि अगर एक प्रदेश के मुखिया ने किसी को सम्मानित करते वक्त तस्वीर खिंचाने के लिए कैमरे की तरफ़ घुमा दिया तो इसमे हंगामा बरपाने की क्या ज़रूरत है। वहीं इस घटना के बाद यह भी कहा जा रहा है कि यह पहला मौका नहीं है जब नीतीश कुमार सार्वजनिक स्थानों पर अपने व्यवहार के कारण विवादों में घिरे हों।
राष्ट्रगान और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान उनके व्यवहार पर पहले भी बहस छिड़ चुकी है। सहकारिता विभाग के समारोह के दौरान कैमरे में कैद हुए इस ताजा प्रकरण ने सार्वजनिक स्थानों पर उनके आचरण को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है। ऐसी घटनाएं न केवल नीतीश कुमार की छवि को खराब करती हैं, बल्कि आधिकारिक और औपचारिक अवसरों पर अपेक्षित शिष्टाचार पर भी दाग लगाती हैं।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की प्रतिक्रिया, हालांकि सूक्ष्म है, इस बात को रेखांकित करती है कि इस तरह की हरकतें राजनीतिक सहयोगियों के बीच भी असहजता पैदा कर सकती हैं। इस मामले ने नीतीश कुमार के कार्यों की उपयुक्तता के बारे में सार्वजनिक चर्चा को जन्म दिया है, जिसमें कई लोग इस तरह के व्यवहार की बार-बार होने वाली प्रकृति पर सवाल उठा रहे हैं।












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