चिराग पासवान ने तोड़ा पिता रामविलास का रिकॉर्ड, मोदी के हनुमान ने इस तरह बढ़ाया अपना सियासी कद
Chirag Break His Father Record: बिहार के लोकसभा चुनाव में से लोजपा (R) का स्ट्राइक रेट देखकर दिग्गज राजनेताओं के पसीने छूट गए हैं। नौकरी के नाम पर युवाओं में तेजस्वी यादव लोकप्रिय माने जा रहे थे, लेकिन उस हिसाब से तेजस्वी की पार्टी लोकसभा चुनाव में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई।
राजद के पास 77 विधायक थे और लोकसभा चुनाव में सिर्फ़ 4 सीट पर ही जीत दर्ज की। राजद काफी पुरानी पार्टी भी है। वहीं दूसरी तरफ़ चिराग पासवान की पार्टी टूटी, एक विधायक थे उन्होंने भी जदयू की सदस्यता ले ली। नई पार्टी बनाने के बाद भी सभी पांचों सीट पर चिराग के नेतृत्व में लोजपा (र) ने जीत दर्ज की।

लोजपा रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने सोमवार को 18वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। 2 बार जमुई से सांसद रह चुके चिराग पासवान ने इस बार अपने पिता की कर्मभूमि हाजीपुर से चुनावी ताल ठोका था। जीतने के साथ ही उन्होंने अपने पिता का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया।
1989 के लोकसभा चुनाव में राम विलास पासवान ने 6 लाख 15 हज़ार 129 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में स्व. रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान ने 6 लाख 15 हज़ार 718 वोट हासिल कर जीत दर्ज की है।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने अपने पिता स्व. रामविलास पासवान से 589 वोट ज़्यादा लाकर अपने पिता का ही रिकार्ड तोड़ दिया। हाजीपुर की जनता ने चिराग पासवान पर भी उनके पिता रामविलास पासवान जैसा ही भरोसा जताया और जीत का सेहरा उनके सिर सजाया।
चिराग पासवान ने यह साबित कर दिया कि उनके पिता जिस तरह से सियासत के मौसम वैज्ञानिक कहे जाते थे। पुत्र में भी वह सारी खासियत है, क्योकिं पार्टी टूटने के बाद नई पार्टी बनाई। एनडीए कोटे से जो पांच सीटें मिलीं, सभी सीटों पर जीत दर्ज कर साबित कर दिया कि वह दिग्गज नेताओं के भी सियासी मात दे सकते हैं।












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