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बिहार: बढ़ सकते हैं ईंटों के दाम, अनिश्चितकालीन भट्टा बंद करने का ईंट निर्माता संघ ने लिया फ़ैसला

ईंट निर्माता संघ के बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने मुरारी कुमार मनु ने बताया कि सरकारी विभाग के पदाधिकारी अपने-अपने विभाग के संबंधित निर्माताओं से जोड़कर उन्हें टैक्स देने के लिए मजबूर करते हैं।

कटिहार, 15 जुलाई 2022। देश में ईंट व्यवसाय से जुड़े लोगों ने जीएसटी की मार और बढ़े हुए कोयले की कीमत से परेशान होकर ईट भट्टा को ही बंद करने का आव्हान कर दिया है। इसी कड़ी में कटिहार के ईंट निर्माता संघ ने अनोखा विरोध दर्ज किया। संघ के लोगों ने गले में तख्ती लगाकर अपनी परेशानियों बताया, उनके चेहरे पर उदासी इस बात की थी कि पूर्वजों के धरोहर के रूप में दिए गए ईंट व्यवसाय बंद हो जाएगा। इस व्यवसाय से हज़ारों ग़रीब परिवार का गुज़र बसर होता है लेकिन अब बंद होने की कगार पर है। इस बाबत शहर के गामी टोला स्थित विवाह भवन में जिला ईंट निर्माता संघ ने एक दिवसीय बैठक आयोजित किया था।

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    सरकारी अधिकारियों पर लगा गंभीर आरोप

    सरकारी अधिकारियों पर लगा गंभीर आरोप

    ईंट निर्माता संघ के बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने मुरारी कुमार मनु ने बताया कि सरकारी विभाग के पदाधिकारी अपने-अपने विभाग के संबंधित निर्माताओं से जोड़कर उन्हें टैक्स देने के लिए मजबूर करते हैं। टैक्स से ज्यादा ईंट निर्माताओं से अपना हफ्ता वसूली का कार्यक्रम तय करते हैं। सबंधित अधिकारियों के रवैय्ये से निर्माताओं में काफी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि इस निर्माताओं के विरोध करने पर उसे फंसा देने की धमकी दी जाती है। बिहार माइनिंग कारपोरेशन के ज़रिए सरकार निर्माताओं को सब्सिडी दर पर कोल उपलब्ध करा रही है। लेकिन पर्याप्त कोयला नहीं मिल पाता है। यही वजह है कि बट आधारों को कोल उपलब्ध नहीं हो पाता है।

    'निम्न क्वालिटी का कोयला भी नहीं हो पा रहा उपलब्ध'

    'निम्न क्वालिटी का कोयला भी नहीं हो पा रहा उपलब्ध'

    जिला ईंट निर्माता संरक्षक विनोद अग्रवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कोयला पिछले साल 10 हजार मूल्य के आसपास अच्छे क्वालिटी का मिलता था। लेकिन अब मौजूदा समय में में निम्न क्वालिटी का कोयला 24 से 26 हजार मूल्य प्रति टन मिल रहा है। इसके बावजूद समय पर कोयला उपलब्ध नहीं हो पाता है। इस वजह से भट्ठे का आग बार-बार बुझाना पड़ता है। लाल ईंट पकाने में 20 से 25 टन की जगह 50 से 55 टन कोयला ईंधन की शक्ल में खपत हो रहा है।

    अनिश्चितकालीन भट्टा बंद करने का निर्णय

    अनिश्चितकालीन भट्टा बंद करने का निर्णय

    31 मार्च 2022 के पहले लाल ईंट पर 1 प्रतिशत जीएसटी दर निर्धारित था। अब 1 अप्रैल से 6 प्रतिशत यानी 6 गुना जीएसटी दर में वृद्धि कर दी गई है। ज्ञात हो कि लाल ईट का प्रयोग सरकारी कार्यों में पूर्ण रूप से बंद है। जिसका मूल्य ग्राहकों को देना है। ग्राहक ये मुल्य देने में सक्षम है। ऐसे में निर्माता को टैक्स अपने पास से देना पड़ता है। इसके अलावा सरकारी दमनकारी नीतियों का विरोध करते हुए कटिहार निर्माता संघ वर्ष 2022-23 मई लाल ईद का निर्माण बंद रखने का निर्णय लिया है। कटिहार ईट निर्माता संघ ऑल इंडिया एवं बिहार ईट निर्माता संघ के आह्वान पर अनिश्चितकालीन भट्टा बंद करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया है।

    ईंट निर्माता संघ की बैठक में कई लोग रहे मौजूद

    ईंट निर्माता संघ की बैठक में कई लोग रहे मौजूद

    बैठक में प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश मुरारी कुमार मनु, कोषाध्यक्ष नवल किशोर डोकानिया मुख्य रूप से उपस्थित थे। इनके साथ ही जमीयत लाल मेघानी, अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, गणेश चौरसिया, सचिव राकेश कुमार सिंह, आशिक खान, मुकेश कणजियो, भुवन रावल, तेज नारायण सिंह, सत्यनारायण अग्रवाल, दुर्गा अग्रवाल सहित कई लोगों ने बैठक में शिरकत ही।

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