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Bihar SIR: मतदाता सूची पर घमासान, सिर्फ 5 दिन बचे –अब तक किन-किन दलों ने जताई आपत्ति, पढ़ें हर अपडेट

Bihar SIR 2025: बिहार में इस महीने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियां दर्ज करने में अब तक केवल भाकपा (माले) (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी-लेनिनवादी-लिबरेशन) ही सक्रिय रही है। चुनाव आयोग (ECI) ने 27 अगस्त को ये जानकारी दी है। चुनाव आयोग ने अपनी दैनिक बुलेटिन कहा है कि 1 अगस्त से 27 अगस्त के बीच अब तक सिर्फ एक ही राजनीतिक दल में आपत्ति दर्ज करवाई है।

बिहार वोटर लिस्ट पर घमासान मचाने वाले राजद और कांग्रेस ने अब तक कोई आपत्ति नहीं जताई है। बिहार वोटर लिस्ट पर आपत्ति दर्ज करने में अब सिर्फ पांच दिन बचे हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख एक सितंबर है। चुनाव आयोग के मुताबिक 01 अगस्त 2025 से शुरू हुई प्रक्रिया में मतदाताओं से 1.78 लाख आवेदन मिले हैं। ये आवेदन मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या हटवाने से जुड़े हुए हैं। ECI ने सभी लोगों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन कर दें ताकि उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।

Bihar SIR 2025

सिर्फ एक पार्टी ने दाखिल किए सभी दावे

  • चुनाव आयोग को अब तक कुल 53 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, और ये सभी केवल भाकपा (माले) की ओर से दाखिल की गईं।
  • आयोग ने स्पष्ट किया कि पार्टियों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) ही ऐसे दावे और आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं।
  • ये दावे/आपत्तियां आयोग द्वारा तय फॉर्मेट - फॉर्म 6 (दावे) और फॉर्म 7 (आपत्तियां) - के जरिए उचित घोषणा पत्रों के साथ ही मान्य होंगी।
  • अगर कोई शिकायत सामान्य या सामूहिक रूप में दी जाती है और तय प्रारूप में नहीं होती, तो उसे सिर्फ जनरल शिकायत माना जाएगा, न कि औपचारिक दावा या आपत्ति।

व्यक्तिगत मतदाताओं से मिले लाखों आवेदन

  • आयोग ने बताया कि अब तक 1,78,948 दावे और आपत्तियां सीधे मतदाताओं की ओर से मिली हैं।
  • इनमें से 20,702 मामलों का निपटारा सात दिन की अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी होने के बाद किया जा चुका है।
  • साथ ही, 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नए मतदाताओं की ओर से 6,35,124 फॉर्म 6 (नए पंजीकरण के लिए) जमा हुए, जिनमें से 27,825 को सात दिन बाद प्रोसेस किया गया।

नाम काटने पर सख्त नियम

चुनाव आयोग ने दोहराया कि ड्राफ्ट सूची (जो 1 अगस्त को प्रकाशित हुई थी) से किसी भी मतदाता का नाम बिना स्पीकिंग ऑर्डर, उचित जांच और न्यायसंगत अवसर दिए बिना नहीं हटाया जा सकता। यह SIR ढांचे की मूलभूत सुरक्षा है।

पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन लिस्ट

आयोग ने बताया कि जिन नामों को ड्राफ्ट सूची से हटाया गया है, उनकी सूची और कारण संबंधित जिलों के डीईओ/डीएम वेबसाइट्स और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के पोर्टल पर उपलब्ध हैं। यहां नागरिक आधार कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेज लगाकर अपने दावे दर्ज कर सकते हैं।

बिहार में SIR प्रक्रिया के तहत राजनीतिक दलों की ओर से अब तक सिर्फ CPI(ML) ही सक्रिय रही है, जबकि बड़ी संख्या में व्यक्तिगत मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।

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