छात्र नेता ने दरोगा की कमर से निकाल ली बंदूक, फिर जो किया वो वायरल हो रहा है...
बिहार। वर्दी के साथ जनरक्षा के लिए पुलिसवालों को पिस्टल दी जाती है। पिस्टल किसी भी पुलिसवाले के लिए उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है जिसका किसी भी सूरत में कोई गलत इस्तेमाल ना कर सके, ये पुलिसवालों का कर्तव्य होता है। लेकिन मधेपुरा में एक दरोगा की पिस्टल एक छात्र नेता के लिए खिलौना बन गई। उनकी पिस्टल के साथ एक छात्र नेता फोटो खिंचवाता रहा और दरोगा जी वहीं बैठे अपने काम मे बिजी रहे। मामला मधेपुरा के सदर थाना का है जहां तैनात दरोगा राजेश रंजन की सरकारी पिस्टल के साथ हुए खिलवाड़ की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लोग पुलिसवाले की इस लापरवाही के लिए उसे कोस रहे हैं।

दरोगा की पिस्टल के साथ जिसकी फोटो वायरल हो रही है जेडीयू का छात्र संघ अध्यक्ष है। इसने दरोगा की कमर से पिस्टल निकालकर फ़ोटो खिंचवाई और फिर सोशल मीडिया में पोस्ट कर दी। फोटो में दरोगा जी भी दिख रहे हैं जो अपने काम में व्यस्त हैं। उन्हें परवाह ही नहीं है कि उनकी पिस्टल के साथ कुछ गलत भी हो सकता है बावजूद इसके दरोगा जी ने छात्र संघ अध्यक्ष को टोकना उचित नहीं समझा। छात्र संघ अध्यक्ष इतने में ही नहीं रुका, बल्कि उसने तस्वीर को सोशल मीडिया पर डाल दिया और उसे लाइक कमेंट बटोरने का जरिया बना डाला।
विगत दिनों से शहर के सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सदर थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर राजेश रंजन की सरकारी पिस्टल जोरदार ढंग से ट्रेंड करने लगी। खास बात यह है कि पिस्टल के साथ पुलिस अधिकारी की तस्वीर तो कमोबेश नजर आती है, लेकिन इस बार पुलिसवाले के सरकारी पिस्टल को थाने में मौजूद जदयू के विश्वविद्यालय छात्र अध्यक्ष हाथ में लेकर आक्रामक पोज देते नजर आ रहे हैं। सदर थाने में खींची गई पहली तस्वीर में जदयू के छात्र नेता पिस्टल उठा कर फोटो खिंचा रहे हैं, तो वहीं दूसरी तस्वीर में दारोगा जी की पिस्टल को अपने पास रखे हुए हैं।
बता दें कि पुलिस अधिकारियों का सरकारी आर्म्स उनके परिजनों के हाथ में भी नहीं दिया जाता है। हथियार को सुरक्षित अपने पास रखने की जिम्मेदारी पुलिस अधिकारी की होती है, लेकिन सदर थाना में खुलेआम दारोगा जी के पिस्टल को एक राजनीतिक दल का कार्यकर्ता हाथ में लहराता रहा और दारोगा जी अपने काम में मग्न रहे। आश्चर्य की बात है कि रात के समय सदर थाना में कैमरा का फ्लैश चमकने के बाद भी दारोगा जी की तंद्रा भंग नहीं हुई। संयोगवश कोई घटना नहीं घटी। जबकि, दारोगा के नासमझी का फायदा उठा उक्त व्यक्ति द्वारा कानून की धज्जियां उड़ाई जा सकती थीं।
कई लोगों ने इसे जदयू नेता की दबंगई भी बताया है। घटना के बाद से दारोगा के लापरवाही के किस्से तस्वीर के जरिये मोबाइल में हर जगह पहुंच रही है। एसपी संजय कुमार ने बताया कि तस्वीर संज्ञान में आई हैं। जांच की जिम्मेदारी सदर एसडीपीओ वसी अहमद को दी गई है। रिपोर्ट आते ही कार्रवाई होगी। किसी भी स्थिति में गलत चीजों का प्रश्रय नहीं दिया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications