बिहार में बिजली क्रांति: लालटेन से LED तक का सफर, हर घर में रोशनी, जानें कैसे नीतीश कुमार ने बदली तस्वीर

Bihar Electricity Revolution: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब 2005 में सत्ता संभाली, तो राज्य बिजली संकट से जूझ रहा था। लोग लालटेन और ढिबरी के सहारे जीने को मजबूर थे। लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति और दूरदर्शी नीतियों के कारण बिहार ने ऊर्जा क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की और अब यह 'सरप्लस बिजली वाला राज्य' बन गया है।

हर घर बिजली योजना ने बदली बिहार की तस्वीर

  • 2016 में 'हर घर बिजली' योजना शुरू हुई, जिसने गांव-गांव तक रोशनी पहुंचाई।
  • 2018 तक पूरे राज्य के सभी घरों में बिजली कनेक्शन पहुंचा दिए गए।
  • बिजली खपत 2014-15 में 203 किलोवाट प्रति व्यक्ति थी, जो 2020-21 में बढ़कर 350 किलोवाट हो गई।
  • 2014 में बिजली की मांग 1800 मेगावाट थी, जो 2017 में 4600 मेगावाट हो गई।
Bihar Electricity Revolution

आज, बिहार में 24 घंटे निर्बाध बिजली की आपूर्ति हो रही है, और सरकार इसे पूरे राज्य में 100% सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।

बिजली उत्पादन और उपलब्धता में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

  • 2005 में बिहार की अपनी कोई बिजली उत्पादन क्षमता नहीं थी।
  • अब बिहार में 14,000 मेगावाट से ज्यादा बिजली उत्पादन हो रहा है।
  • बिहार अब दूसरे राज्यों को भी बिजली बेचने की स्थिति में है।
  • एनटीपीसी, बरौनी, नवीनगर, चौसा और कजरा में नए पावर प्लांट शुरू हुए।

बिजली से बदला किसानों और उद्योगों का भविष्य

  • 1312 कृषि फीडर काम कर रहे हैं, जिससे किसानों को सस्ती और 16 घंटे बिजली मिल रही है।
  • 800 और नए फीडर चालू करने की योजना पर काम जारी है।
  • 35/11 केवीए के 1115 फीडर और 93,420 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जा रहे हैं।

अब किसान डीजल पंप की जगह बिजली से सिंचाई कर रहे हैं, जिससे उनकी लागत घटी है और उत्पादन बढ़ा है।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिजली चोरी पर लगाम

  • बिहार पहला राज्य है जहां गांव-गांव में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं।
  • अब तक 10 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
  • बिजली चोरी रोकने के लिए खुले तारों की जगह 'एबी केबल' (कवर्ड बिजली तार) लगाए जा रहे हैं।
  • स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिली।


राज्य में बिजली की उपलब्धता और भविष्य की योजनाएं

  • 2023-24 तक बिजली की अनुमानित मांग 7521 मेगावाट होगी।
  • राज्य में 13029 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
  • बिहार में अब 2.95 लाख डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर और 1142 विद्युत सब-स्टेशन काम कर रहे हैं।
  • 75% आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए किसानों को बिजली कनेक्शन मुफ्त दिए जा रहे हैं।

बिहार में बिजली सुधार को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

  • इसरो की रिपोर्ट के मुताबिक, 2012 से 2021 के बीच बिहार में बिजली की उपलब्धता में 474% वृद्धि हुई।
  • राष्ट्रीय औसत वृद्धि 45% थी, जबकि बिहार सबसे आगे रहा।
  • केरल (119%), मध्यप्रदेश (66%), उत्तर प्रदेश (100%) और गुजरात (58%) की तुलना में बिहार की प्रगति सबसे अधिक रही।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संकल्प और सफलता

  • नीतीश कुमार ने 2012 में कहा था कि अगर बिजली नहीं सुधरी, तो वे वोट मांगने नहीं जाएंगे।
  • आज, बिहार सरप्लस बिजली वाला राज्य बन चुका है और पूरे देश में इसकी चर्चा हो रही है।
  • 'हर घर बिजली' योजना ने बिहार को अंधेरे से उजाले की ओर पहुंचाया।

बिहार की यह सफलता राज्य के विकास और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई है।

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