Bihar Election Result 2025: NDA ‘200 के पार’ की दहलीज पर! महागठबंधन 50 भी क्यों ना छू सका? पूरी कहानी जानिए
Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में इस बार ऐसा राजनीतिक भूचाल देखने को मिल रहा है, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। NDA पिछली बार की तुलना में करीब 60 से ज्यादा सीटों का फायदा उठाते हुए 200 के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच चुका है। वहीं महागठबंधन की हालत इतनी कमजोर है कि वह हाफ सेंचुरी के आसपास तक भी संघर्ष करता दिखाई दे रहा है। NDA 198 सीटों पर लीड कर रही है। वहीं महागठबंधन को 39 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है।
243 सीटों में बहुमत का जादुई आंकड़ा 122 का है और शुरुआती रुझानों से साफ है कि नीतीश कुमार की सरकार एक बार फिर बनती दिख रही है। JDU इस बार जबरदस्त वापसी करते हुए 81+ सीटों पर लीड में है, जबकि बीजेपी 90 से ज्यादा सीटों पर आगे चलकर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। यह दोनों दलों के लिए राजनीतिक रूप से बड़ा मोमेंट है, खासकर तब जब 2020 में JDU सिर्फ 43 सीटों तक सिमट गई थी। ऐसे में आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर महागठबंधन क्यों नहीं कर पाई हाफ सेंचुरी का आंकड़ा पूरा।

NDA को लैंडस्लाइड क्यों मिली?
- एनडीए के शानदार प्रदर्शन के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा फैक्टर JDU की अप्रत्याशित पुनर्वापसी है। 2020 के मुकाबले पार्टी को 40 से ज्यादा सीटों का फायदा हो रहा है।
- दूसरा कारण, मोदी-नीतीश की संयुक्त अपील। दोनों नेताओं की संयुक्त रैलियों और 'स्थिर सरकार' के नैरेटिव ने ग्रामीण इलाकों में खास प्रभाव छोड़ा है।
- तीसरा बड़ा कारण, इस बार हुई रिकॉर्ड वोटिंग। दो चरणों में 67.10% मतदान हुआ, जो पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में लगभग 10% ज्यादा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उच्च मतदान अक्सर सत्ता में बैठे गठबंधन को फायदा पहुंचाता है।
महागठबंधन क्यों नहीं पार कर पाया 50 का आंकड़ा?
🔹 1. 'जंगलराज' की पुरानी छवि ने डैमेज किया
RJD अभी भी उस इमेज से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है। विरोधियों ने इस नैरेटिव को मजबूती से पेश किया और इसका असर वोटिंग पर साफ दिखाई दिया।
🔹 2. कांग्रेस के साथ गठबंधन भारी पड़ा
61 सीटों पर लड़ रही कांग्रेस सिर्फ 4 सीटों पर आगे है। महागठबंधन को कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन का सीधा नुकसान उठाना पड़ा।
🔹 3. नीतीश सरकार के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी का असर उलटा पड़ा
एनालिस्ट मान रहे थे कि नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल के चलते एंटी इनकंबेंसी मजबूत होगी, लेकिन उलटा हुआ। नीतीश की एडमिनिस्ट्रेशन इमेज, शराबबंदी, और महिला सुरक्षा से जुड़े फैसलों ने बड़ी संख्या में वोट लाए।
🔹 4. महिला वोटरों ने RJD को नकारा
कई सीटों पर महिला वोटरों का रुझान NDA की तरफ ज्यादा देखा गया। महिला सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ RJD के खिलाफ गया।
🔹 5. मोदी-नीतीश फैक्टर भारी पड़ा
प्रधानमंत्री मोदी का करिश्मा और नीतीश कुमार का स्थानीय कनेक्ट, दोनों का कॉम्बिनेशन महागठबंधन की रणनीति पर भारी पड़ गया।
तेजस्वी आगे, तेजप्रताप पीछे - बड़े चेहरों का मिश्रित प्रदर्शन
राघोपुर से RJD नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर मजबूत बढ़त बनाई है। हालांकि, उनके भाई तेजप्रताप यादव महुआ से पिछड़ते दिख रहे हैं। RJD के ओसामा शहाब रघुनाथपुर से लीड कर रहे हैं, जबकि दानापुर में बाहुबली रीतलाल यादव बढ़त में हैं। दूसरी ओर, बीजेपी के लिए अच्छी खबर यह है कि अलीनगर से भोजपुरी सिंगर और भाजपा प्रत्याशी मैथिली ठाकुर आगे चल रही हैं। वहीं छपरा से भोजपुरी स्टार और RJD उम्मीदवार खेसारी लाल इस बार पीछे चल रहे हैं। लोजपा राम विलास के लिए भी यह चुनाव बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है - 28 सीटों पर लड़ी पार्टी 21 सीटों पर लीड लेकर चौंकाने वाला प्रदर्शन कर रही है।












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