बिहार बोर्ड घोटाला: गणेश पहुंचा सलाखों के पीछे, अब नेहा होंगी नई टॉपर

बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर ने सूचना देते हुए बताया कि गणेश ठाकुर के रिजल्ट को बोर्ड ने सस्पेंड कर दिया है अब स्टेट टॉपर की सूची में दूसरे नंबर पर रहीं नेहा कुमारी बिहार की नई टॉपर होंगी।

पटना। बिहार में इंटर परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ियां सामने आने के बाद विवादों में घिरे बोर्ड ने टॉपर गणेश ठाकुर का रिजल्ट निलंबित कर दिया है। बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर ने सूचना देते हुए बताया कि गणेश ठाकुर के रिजल्ट को बोर्ड ने सस्पेंड कर दिया है अब स्टेट टॉपर की सूची में दूसरे नंबर पर रहीं नेहा कुमारी बिहार की नई टॉपर होंगी।

जेल पहुंचा गणेश

जेल पहुंचा गणेश

गणेश की योग्यता पर लगातार उठ रही उंगली को देखते हुए जब बोर्ड ने अपने पुराने रिकॉर्ड खंगाले तो चौंकाने वाला खुलासा सामने आया। पता चला कि गणेश की उम्र 42 वर्ष है लेकिन उसने उस जन्मतिथि के साथ फर्जीवाड़ा कर अपनी उम्र 24 वर्ष लिखावाई थी। फिर पूछताछ के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि गणेश ने उम्र छिपाकर इंटर परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। बिहार बोर्ड ने इस मामले में गणेश पर मामला दर्ज करवाते हुए उसे गिरफ्तार करवाया है।

सरकारी नौकरी के लिए गणेश ने छुपाई उम्र

सरकारी नौकरी के लिए गणेश ने छुपाई उम्र

सरकारी नौकरी की चाहत ने आर्ट्स टॉपर गणेश कुमार उर्फ गणेश राम को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। इस बात का खुलासा खुद गणेश ने किया। गणेश ने बताया कि वर्ष 2015 में 40 वर्ष पूरा होने के कारण वह सरकारी नौकरी में आवेदन नहीं कर पाया था जिसके बाद मित्रों की सलाह पर उसने 18 वर्ष उम्र कम करते हुए समस्तीपुर एक स्कूल से 2015 में दोबारा मैट्रिक की परीक्षा दी। गणेश ने बताया कि वह ट्यूशन पढ़ाने का काम करता है और इसके वजह से उसकी गणित के साथ साथ और भी कई विषयों पर काफी अच्छी पकड़ हो गई थी इसीलिए उसने इंटर का दोबारा परीक्षा देते हुए SSC या राज्य सरकार की नौकरी मे शामिल होना चाहता था पर वक्त से पहले उसकी सारी काली करतूत सामने आ गई जिसने उसे सलाखों के पीछे कैद करवा दिया।

ऐसे हुआ खुलासा

ऐसे हुआ खुलासा

जब बिहार और झारखंड का बंटवारा नहीं हुआ था तब 1990 में गणेश ने सीआरसीआई हाई स्कूल से पहली बार दसवीं की परीक्षा दी थी। गणेश ने उस वक्त अपना डेट ऑफ बर्थ 7 जून 1975 दर्ज कराया था पर जब दोबारा 2015 में मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हुआ तब उसने अपना उम्र 18 वर्ष कम करते हुए डेट ऑफ बर्थ 2 जून 1993 बताया। दोनों विवरणों में पिता का नाम कॉमन था इसी आधार पर फर्जीवाड़ा के खेल को उजागर किया गया।

फर्जी टॉपर देने वाले स्कूल पर भी लटकी तलवार

फर्जी टॉपर देने वाले स्कूल पर भी लटकी तलवार

फर्जी टॉपर गणेश जिस स्कूल से परीक्षा दिया था उस स्कूल के प्राचार्य पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। फर्जी टॉपर देने वाले समस्तीपुर के चक हबीब स्थित रामानंद सिंह जगदीश नारायण इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 2011 में की गई थी। अब आश्चर्य की बात तो यह है कि बिना किसी संसाधन के ही इस इंटर कॉलेज को वर्ष 2013 में बिहार विश्व विद्यालय परीक्षा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष राजमणि सिंह ने मान्यता कैसे प्रदान कर दी। वहीं बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने स्पष्ट तौर पर यह साफ किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हमने इंटर कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी है साथ ही समस्तीपुर के शिवाजी नगर स्थित संजय गांधी स्कूल की जांच भी शुरू कर दी है। इंटर आर्ट्स टॉपर गणेश कुमार ने वर्ष 2015 में इसी स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

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