Bihar Election Results: नीतीश कुमार की JDU के सपोर्ट के बिना भी भाजपा बना सकती है सरकार, जानिए पूरा गणित
Bihar Election Results 2025: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने बिहार विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 242 सीटों में से 202 सीटों पर शानदार जीत दर्ज करते हुए बहुमत हासिल किया है।
इसके विपरीत, महागठबंधन केवल 35 सीटों पर ही सिमट गया, जो उसके लिए एक बड़ा झटका है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने भी इन चुनावों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए 5 सीटों पर विजय प्राप्त की है।

इस बार के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी भाजपा, जो सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, राज्य में सरकार बनाने की आरामदायक स्थिति में है, भले ही वह अपने लंबे समय के साथी जद (यू) को अलग कर दे। हालांकि, यह बेहद असंभव लगता है, लेकिन एनडीए के सहयोगी पार्टियों के साथ जीती सीटों का आंकड़ा फिलहाल भगवा पार्टी को अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर आगे बढ़ सकती है।
बिहार चुनाव में भाजपा ने जीती हैं सर्वाधिक सीटें
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है। भाजपा अकेले 89 सीटों सीटें जीती है। चिराग पासवान की पार्टी, एलजेपी (आरवी), 19 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि उपेंद्र कुशवाहा की हम पार्टी चार सीटों पर जीत हासिल की है और जीतन राम मांझी की पार्टी 5 सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं नीतीश की पार्टी ने 85 सीटों पर जीत हासिल की है।

नीतीश कुमार के सपोर्ट के बिना कैसे भाजपा बिहार में बना सकती है सरकार?
बिहार में सरकार बनाने में कुल 122 सीटों की जरूरत है। एनडीए में नीतीश कुमार की जेडीयू की 85 सीटों को घटना दिया जाए तो भाजपा और बाकी तीन सहयोगी पार्टी के पास कुल 117 सीटें है। जो बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 5 कम है। इस बार के चुनाव में 9 सीटें अन्य और 5 सीटें ओवैसी की पार्टी के खाते में आई है। जो महागबंधन में शामिल नहीं है। अगर भाजपा चाहे तो अन्य में से 5 विजेताओं की मदद से आसानी से बिहार में अकेले दम पर सरकार बना सकती है।
क्या भाजपा नीतीश के बिना बिहार में बनाएगी सरकार?
हालांकि, भले ही भाजपा जद (यू) को बाहर रखकर सरकार बना सकती हैं लेकिन भाजपा नीतीश कुमार के सहयोग के बिना ऐसा करेगी ऐसी संभावना फिलहाल ना के बराबर लग रही है क्योंकि केंद्र सरकार में एनडीए की सहयोगी पार्टी में जेडीयू भी शामिल है। अगर बिहार में भाजपा कोई खेल करती है तो केंद्र में बैठी मोदी सरकार खतरे में पड़ सकती है।
हालांकि सभी अटकलों को दरकिनार करते हुए, अगर सब कुछ ठीक रहा, तो बिहार के मुख्यमंत्री दसवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं।












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