शौचालय में रहने को मजबूर दादी-पोती से मिलने पहुंचीं एक्ट्रेस अक्षरा सिंह, की आर्थिक मदद
शौचालय में रहने को मजबूर दादी-पोती से मिलने पहुंचीं भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह, की आर्थिक मदद
नालंदा, जून 13: हाल ही में वृद्ध महिला कौशल्या देवी और उनकी 8 वर्षीय पोती सपना कुमारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जो आर्थिक तंगी के कारण शौचालय में रहने को मजबूर हैं। वीडिया वायरल होने के बाद यह मामला मीडिया की सुर्खियों में आ गया। वहीं, अब बुजुर्ग महिला कौशल्या देवी और उनकी पोटी से भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने मुलाकात की। दरअसल, अक्षरा सिंह शनिवार 12 जून को नालंदा जिले के करायपरशुराय प्रखंड में दिरीपर गांव पहुंचीं और उन्होंने दोनों को अपने गले लगाया। इस दौरान अक्षरा सिंह उनकी आर्थिक मदद दी।

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इतना ही नहीं, अक्षरा सिंह ने कहा कि घर बनाने का जितना भी खर्च आएगा, उसे वो वहन करेंगी। अक्षरा ने बुजुर्ग महिला के इस हाल को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि यह घटना रोंगटे खड़े कर देने जैसा है। मैं शॉक्ड हूं कि इस बूढ़ी मां के पास रहने को घर नहीं। अक्षरा ने कहा कि मुझे इस बूढ़ी मां के बारे में जानकारी सोशल मीडिया के जरिये मिली। यह जानकर बेहद दुख हुआ कि एक बूढ़ी मां के पास घर नहीं है और वह इतनी गरीब है कि उनके पास सर छिपाने को छत नहीं है न ही उनके बुढ़ापे का कोई सहारा है। बस वे बिना मां बाप की 8 वर्षीय पोती के साथ रहने को मजबूर है। आज मैं यहां आकर उनकी मदद की और जरूरत पड़ी तो आगे भी मदद करूंगी।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि दो दिन पहले बिहार के नालंदा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो विकास के किसी भी किस्म के भ्रम और दावे को चकनाचूर करने के लिए नाकाफी है। दरअसल, करायपरसुराय प्रखंड के दिरीपर गांव के बार्ड नंबर-3 बुजुर्ग महिला कौशल्या देवी और उनकी 8 वर्षीय पोती सपना कुमारी को एक घर तक मयस्सर नहीं है। आलम यह है कि शरीर को झुलसाने वाली गर्मी से बचने के लिए दादी और पोती एक सार्वजनिक शौचालय में दिन गुजार रही हैं।
घर-घर भीख मांग कर जीवन यापन कर रही है दादी-पोती
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 साल की पोती के सिर से माता पिता का साया पहले ही उठ चुका है। लाचार दोनों दादी पोती अपने गांव में घर-घर खाना मांगकर जीवन यापन कर रही हैं। कौशल्या देवी और उनकी पोती सपना कुमारी ने बताया परिवार के कमाऊ सदस्य के नहीं रहने के कारण मजबूरन भीख मांग कर किसी तरह से तो जिंदगी काट रही है। धूप और पानी से बचने के लिए महिला ने शौचालय में रहकर जीवन यापन कर रही, इसे ही अपना आशियाना बना लिया है।
घूस नहीं देने पर बीडीओ ने काटा आवास योजना से नाम
पूर्व मुखिया रबीश कुमार ने बताया कि 2017 में आवास योजना में कौशल्या देवी का नाम आवास योजना में आया था। लेकिन, तत्कालीन आवास पर्यवेक्षेक ने आवास योजना का लाभ दिलाने के एवज में कौशल्या देवी से नकदी की डिमांड की थी। गरीब होने के चलते कौशल्या देवी पैसे नहीं दे पाईं, इसलिए शुद्धिकरण के बहाने इनका नाम काट दिया गया। इनके घर में कोई जेंट्स नहीं है। कौशल्या देवी 75 वर्ष की हैं और उनकी पोती करीब 10 साल की हैं।
जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने बताया फर्जी
वहीं, राज्य के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने बुजुर्ग महिले के शौचालय में रहने की खबर को फेक (फर्जी) बताया है। जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि जिला पदाधिकारी, नालंदा द्वारा कराए गए स्थल निरीक्षण में पता चला है कि उक्त महिला कौशल्या देवी शौचालय के बगल में एक झोपड़ी में रहती है। मंत्री ने कहा कि कौशल्या देवी की एक पोती के अलावा परिवार का कोई अन्य सदस्य साथ में नहीं रहता है। महिला को वृद्धावस्था पेंशन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का अनाज मिलता है।












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