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ऑफिस के बाद 'इंजीनियर्स ठेला' लगाकर बेचते हैं बिरयानी, सैलेरी के अलावा महीने में कमाते हैं हजारों रुपए

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भुवनेश्वर, 23 सितंबर: अगर आप में पैसा कमाने की ललक है तो फिर कोई भी धंधा छोटा या बड़ा नहीं होता। बस पैसे कमाने के लिए एक आइडिया ही काफी है। ऐसा ही कुछ आइडिया ओडिशा में दो इंजीनियर की जोड़ी को आया, जो ऑफिस की अपनी फुल टाइम ड्यूटी के बाद 'इंजीनियर्स ठेला' चलाते हैं और सैलेरी के अलावा और भी कमाई करते हैं। दोनों इंजीनियर पहले अपनी कॉपोर्रेट जॉब की टाइमिंग पूरा करते हैं। फिर उसके बाद शाम को अपने ठेले पर अपनी ड्यूटी पूरी करते हैं। जानिए कौन हैं ये इंजीनियर और कैसे आया उनको 'इंजीनियर्स ठेला' शुरू करने का आइडिया।

इंजीनियर्स ठेला' बना फेवरेट फूड प्वाइंट

इंजीनियर्स ठेला' बना फेवरेट फूड प्वाइंट

दरअसल, ओडिशा के मलकानगिरी में हर शाम कलेक्टर दफ्तर के पास रोड पर एक ठेला गाड़ी खड़ी रहती है, जिसमें बहुत ही लजीज बिरयानी मिलती है। यह ठेला इसी साल मार्च में शुरू किया गया था। यहां स्वादिष्ट बिरयानी के अलावा चिकन टिक्का भी मिलता है, जिसकी सिर्फ सुगंध ही लोगों को यहां आने के लिए मजबूर कर देती हैं। अब स्थिति यह कि कुछ ही महीनों ने 'इंजीनियर्स ठेला' सबको फेवरेट फूड प्वाइंट बन चुका है।

सुमित सामल और प्रियम बेबर्ता ने शुरू किया ठेला

सुमित सामल और प्रियम बेबर्ता ने शुरू किया ठेला

'इंजीनियर्स ठेला' चलाने वाले दोनों शख्स का नाम सुमित सामल और प्रियम बेबर्ता है। दोनों बचपन के दोस्त हैं और एक ही पेशे यानी इंजीनियर हैं। जब देश में कोरोना महामारी फैली और लॉकडाउन की घोषणा की गई तो इन्होंने अपने घर से काम किया। इस दौरान वर्क फ्रॉम होम करते-करते इनको बिरयानी बेचने का आइडिया आया और फिर क्या अपना काम शुरू कर दिया। जब उन्होंने सड़क किनारे और ठेले देखे कि लोगों की यहां अच्छी भीड़ रहती है तो फिर सुमित और प्रियम ने भी ठेला लगाने का फैसला किया।

इन चीजों पर दोनों का खास फोकस

इन चीजों पर दोनों का खास फोकस

'द बेटर इंडिया' में छपि एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रियम ने बताया कि हर कोई शख्स स्ट्रीट फूड को लाइक करता है। यहां तक की कई लोगों के पेट की भूख इन ठेलों पर ही निर्भर रहती हैं, क्योंकि इन ठेलों पर काफी सस्ते और बजट में अच्छा खाना मिल जाता है। हालांकि साफ-सफाई के मामले में यहां थोड़ा समाझौता करना पड़ा है, इसलिए इस चीज को ध्यान में रखते हुए हमने सफाई, स्वाद और क्वालिटी के मद्देनजर ठेले की शुरुआत की।

50 हजार रुपए के शुरू किया स्टार्टअप

50 हजार रुपए के शुरू किया स्टार्टअप

वहीं अब आइडिया तो मिल गया लेकिन दोनों में से किसी को अच्छी बिरयानी बनाना नहीं आता था, जिसके बाद प्रियम ने घर पर ही अपनी मां से बिरयानी बनाना सीखा। फिर 50 हजार रुपए से अपना स्टार्टअप शुरू किया। अपने बिजनेस के बारे में उन्होंने कहा कि हम खाने की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करते, यहां तक की खुद ही बाजार जाकर सामान खरीदकर लाते हैं। रोजाना शाम को ऑफिस का काम पूरा करने के बाद अपनी गाड़ी को लेकर खड़े होते हैं। यहां 120 रुपए में फुल और 70 रुपए में हाफ चिकन बिरयानी दी जाती है।

हर महीने 45 हजार रुपए की एक्स्ट्रा इनकम

हर महीने 45 हजार रुपए की एक्स्ट्रा इनकम

बेटर इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस ठेले की रोजाना की लागत करीब एक हजार रुपए है और उससे होने वाली कमाई का आंकड़ा 8 हजार रुपए है। प्रियम ने बताया कि सारे खर्च काटने के बाद उनको हर महीने 45 हजार रुपए की कमाई हो जाती है, जो उनकी मंथली सैलरी से अलग है यानी ठेले की कमाई उनकी एक्स्ट्रा इनकम है।

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English summary
two engineers start Biryani sale on Engineer’s Thela earning 45 thousand per Month Extra income
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