व्यवसाय संवाददाता एजेंट बनकर राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं महिला स्वयं सहायता समूह
ओडिशा की गैर-बैंकिंग ग्राम पंचायतों (जीपी) में आम नागरिकों की बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती रही है।
भुवनेश्वर, 24 अगस्त। ओडिशा की गैर-बैंकिंग ग्राम पंचायतों (जीपी) में आम नागरिकों की बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए, राज्य सरकार ने बैंकिंग भागीदारों के साथ मिलकर बैंकिंग क्षेत्र में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) / फेडरेशन के सदस्यों को बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट एजेंट (बीसीए) के रूप में जोड़कर बैंकिंग सेवाओं को गैर बैंकिंग ग्राम पंचायतों के अंतिम छोर तक पहुंचाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

नरसिंहपुर ब्लॉक, कटक के कथखुंटा गांव के वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थी गंगा नायक ने बताया कि, 'मैं कई किलोमीटर दूर जाकर एक बैंक में बैंकिंग लेनदेन के लिए किसी अन्य व्यक्ति की सेवाएं लेता था, पेंशन के पैसे निकालने के लिए एक महत्वपूर्ण राशि खर्च करनी पड़ती थी। मुझे बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट एजेंटों (बीसीए) द्वारा दूरदराज के इलाकों में नागरिकों को दी जाने वाली ऐसी ग्राहक-अनुकूल सेवाओं के बारे में कभी पता नहीं था।' उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर पर ही बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकार का धन्यवाद दिया।
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उसी गांव में बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के रूप में कार्य करने वाली सरस्वती महलिक ने कहा कि महामारी के दौरान, स्थानीय लोगों को घर पर ही बैंकिंग सेवाएं प्राप्त होने से उन्हें बहुत राहत मिली। बीसीए बनकर मुझे भी काफी फायदा हुआ, मैं ऐसा करके अपने परिवार का खर्च उठा रही हूं। उन्होंने कहा कि दूरदराज इलाकों में घर-घर जाकर वरिष्ठ लोगों की सेवा करने से बहुत खुशी मिलती है।












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