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अनियमित डिस्पोजल की जांच के लिए बायो मेडिकल कचरे को बारकोड करेगी ओडिशा सरकार

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भुवनेश्वर, 27 जुलाई। ओडिशा सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं से उत्पन्न कचरे को बारकोड करने का निर्णय लिया है। सरकार ने यह निर्णय तब लिया जब यह पाया गया कि अस्पतालों से एकत्र किए गए कचरे को ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने के बजाय उसका अनुचित तरीके से निपटान किया गया। इसके लिए ओडिशा कंप्यूटर एप्लीकेशन सेंटर (OCAC) को अगले दो महीनों के भीतर बारकोडिंग के लिए एक यूनिवर्सल सॉफ्टवेयर विकसित करने का काम सौंपा गया है।

Bio Medical Waste

बारकोडिंग के लिए यूनिवर्सल सॉफ्टवेयर के विकास के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं को हार्डवेयर और अन्य लॉजिस्टिक की खरीद के लिए धन दिया गया है। स्वास्थ्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके महापात्र ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश के अनुसार बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक बार सॉफ्टवेयर तैयार हो जाने के बाद, अनियंत्रित निपटान को रोका जा सकता है।

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राज्य में अभी तीन पुराने एमसीएच में 6 सामान्य जैव चिकित्ससा अपशिष्ट उपचार सुविधाएं हैं। ये सीएमएच गंजम के शेरगढ़ में, दूसरी खुर्दा के तंगियापाड़ा में और तीसरी सुंदरगढ़ के अमासरंगा में है। इनके अलावा राज्य में 5 और जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधाएं लगाई जाएंगी। जिलों को भेजे गए 1,739 बायोमेडिकल वेस्ट ऑटोक्लेव में से 1,029 को परिधीय अस्पतालों में वितरित किया गया है। इसी, तरह राज्य के लिए आवश्यक 1,753 बायोमेडिकल वेस्ट श्रेडर में से 1,277 को कचरे की रीसाइक्लिंग के लिए जिलों और पेरिफेरी अस्पतालों में पहुंचाया गया है।

शेष 476 वेस्ट श्रेडर की शीघ्र आपूर्ति करने के लिए राज्य चिकित्सा निगम को निर्देशित किया गया है। इसके अलावा, सरकार ने अगले पांच वर्षों में 305.46 करोड़ रुपये की लागत से सभी जिला मुख्यालय अस्पतालों (डीएचएच) और उप-मंडल अस्पतालों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने का फैसला किया है। ओडिशा सीवरेज बोर्ड को 2025-26 तक 28 डीएचएच, एक कुष्ठ गृह और 34 उप-मंडल अस्पतालों में एसटीपी और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) के निर्माण के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। तालचर, भुवनेश्वर, कटक, संबलपुर, बरहामपुर और राउरकेला को छोड़कर, जहां सीवेज उपचार सुविधाएं पहले से मौजूद हैं, अन्य शहरों और कस्बों में एसटीपी और ईटीपी का निर्माण किया जाएगा।
दिशानिर्देश
.कलेक्शन के बाद कचरे के थैलों को वजन और डिस्पोजल के स्थान का उल्लेख करते हुए बारकोड किया जाएगा।
. जीपीएस ट्रैकिंग सुविधा वाले विशेष वाहनों के माध्यम से कचरा भेजा जाएगा
. इसे शुरू में एमसीएच में लागू किया जाएगा और फिर सभी सुविधाओं में इसका विस्तार किया जाएगा
. ओडिशा कम्प्यूटर एप्लीकेशन सेंटर को 2 महीनों के अंदर इसका सॉफ्टवेयर तैयार करना है.

English summary
Odisha government to barcode waste to check irregular disposal
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