कोरोना वायरस की टेस्टिंग में कमी लाई गई तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम- सभी जिलों से ओडिशा सरकार
ओडिशा सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जब तक पूरी आबादी को वैक्सीन न लग जाए तब तक टेस्टिंग में कोई कमी न की जाए।
भुवनेश्वर, 7 अगस्त। ओडिशा सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जब तक पूरी आबादी को वैक्सीन न लग जाए तब तक टेस्टिंग में कोई कमी न की जाए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सभी कलेक्टरों, नगर आयुक्तों और सीडीएमओ को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा टेस्ट कराएं और अगले आदेश तक लक्ष्य को कम न करें।

कई जिलों के यह कहने पर कि ज्यादातर लोग परीक्षण के लिए आगे नहीं आ रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग ने जिलों और नगर निकाय के अधिकारियों को सब्जी और मछली मंडियों जैसी भीड़-भाड़ वाली जगहों, अस्पतालों में आने वाले लोगों, विक्रेताओं, दिहाड़ी मजदूरों, ड्राइवरों, सुरक्षा कर्मियों और रेल यात्रियों की रैंडम टेस्टिंग करने को कहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य पीके महापात्रा ने कहा कि, 'टेस्टिंग में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। जिलों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे रणनीति का पालन नहीं करते हैं और संक्रमण को फैलने से नहीं रोकते हैं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।'
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गौरतलब है कि ओडिशा में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1,208 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, इस दौरान 66 लोगों की मौत भी हुई। नई मौतों के साथ राज्य में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 6,302 हो गई है। नए केसों में कुर्दा जिले में सर्वाधिक (399) केस मिले, वहीं, भुवनेश्वर में 335 नए मामले मिले, जबकि कटक में 173 मामले सामने आए। हालांकि बौध में लगातार दूसरे दिन कोरोना का कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है। वहीं बीते 24 घंटे में 69,369 लोगों का परीक्षण किया गया है।












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