एमपी में विदिशा के NGO ने किया 2 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा
मध्य प्रदेश के विदिशा में 2 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। NGO ने आशा-उषा कार्यकर्ताओं को किसान बताकर फर्जीवाड़ा किया हैं।
भोपाल,5 मई। सरकारी खजाने का दुरुपयोग न हो तो ऐसा सरकारी खजाना भला किस काम का? कई सालों से लगातार सरकारी खजाने को अपने हिसाब से जुगाड़ बना कर लूटने की प्रक्रिया जारी है। कभी कोई नेता तो कभी कोई चपरासी तो कभी कोई आईएएस अधिकारी सरकारी खजाने का सदुपयोग करके करोड़ों रुपए अंदर-बाहर कर लेता है। इसी कड़ी में विदिशा जिले के एक एनजीओ ने एमएसएमई मंत्रालय के खजाने से ₹2 करोड़ की ठगी कर ली।

आशा कार्यकर्ता ने जानकारी दी है कि फर्जी किसान बनाकर सहजन की खेती करने और उसमें पाउडर बनाकर बेचने को लेकर संस्था ने यह काम एमएसएमई मंत्रालय से लिया था, लेकिन जब जांच कराई गई तो उसमें वह किसान फर्जी निकले और उनके नाम पर दो करोड़ रुपए का ऑर्डर संस्थान को मिल गया। इस आरोप पर संस्थान के संचालक संजय जैन का कहना है कि उनको फंसाया जा रहा है। अब जांच के बाद ही पता चलेगा कि सच क्या है और झूठ क्या है? इसको लेकर शिकायतकर्ता ने विदिशा जिले के कलेक्टर उमाकांत भार्गव को लिखित शिकायत दी है कि किस तरह से एनजीओ के निदेशक ने 2 करोड़ के सरकारी धन को काला पीला कर दिया है।
कैसे किया फर्जीवाड़ा
जिला विदिशा में ज्ञान सरोवर शिक्षण समिति संस्थान के डायरेक्टर संजय जैन ने एमएसएमई मंत्रालय से 2 करोड़ रुपए का स्पूर्थी प्रोजेक्ट पास कराया, जिसमें गांव की महिलाओं को जोड़ कर उनसे मुनगा यानी सहजन की खेती कराकर उसका पाउडर बेचने को प्रोत्साहित करना था। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब उषा और आशा कार्यकर्मी को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण देने वाली जिला प्रशिक्षक विलासनी बाग ने विदिशा कलेक्टर को लिखित शिकायत में कहा कि संस्था के प्रोजेक्ट में बड़ी संख्या में आशा-उषा कार्यकर्ताओं को किसान बताकर यह पैसा सेंक्शन कराया गया है। जिला कलेक्टर ने मामले की जांच करने का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा की जांच निष्पक्ष होती है या मामले को दबा दिया जाता है।
पीएम मोदी ने बताएं थे सहजन खाने के फायदे

बता दे पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों फिट इंडिया मूवमेंट के 1 साल पूरा होने पर अपनी सेहत का राज कई हस्तियों के साथ शेयर किया था। पीएम मोदी ने अपनी फिटनेस का टॉप सीक्रेट बताते हुए कहा कि वह मोरिंगा के पराठे खाते हैं इसके बाद से तमाम लोगों की मोरिंगा यानी सहजन के प्रति दिलचस्पी बढ़ी है। हालांकि अभी गांवों में लोग से जन की फलियों से बनी सब्जी का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया था कि वह मोरिंगा की पत्तियों के बने पराठे खाते हैं इसके बाद से लोगों में मोरिंगा के पराठे के प्रति आकर्षण बढ़ा है।
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