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ठेले को स्ट्रेचर बनाकर टीआई ने की एक मरीज की जान बचाने की कोशिश, टीआई को किया गया सम्मानित

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भोपाल,7 मई। शाहजहानाबाद थाना प्रभारी जहीर खान पुलिस विभाग में जन सेवा के लिए जाने जाते हैं। हमेशा आगे बढ़ कर दूसरों की मदद करना जहीर खान की फितरत में है। एक बार फिर से टीआई ने मानवता की मिसाल पेश की है.जब जहीर ट्रेन से सफर कर रहे थे, उस दौरान एक व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ा. टीआई साहब ने उनकी जान बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। इसीलिए रॉयल प्रेस क्लब ने उन्हें सम्मानित किया है।

भोपाल में टीआई जहीर खान को किया गया सम्मानित

आपको बता दें कि शाहजहानाबाद थाना प्रभारी जाहिर खान अपने परिवार के साथ एपी एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे थे इस दौरान एक पैसेंजर को दिल का दौरा पड़ा, जिससे मरीज फर्श पर तड़प रहा था। यह देखकर जहीर खान ने तुरंत मरीज की जान बचाने की कोशिश की।

माल ढोने वाले ठेले को बनाया स्ट्रेचर

झांसी रेलवे स्टेशन पर एपी एक्सप्रेस ट्रेन रुकी। थाना प्रभारी जहीर खान ने अपने परिवार को ट्रेन से रवाना कर दिया लेकिन खुद मरीज को लेकर ट्रेन से नीचे उतर गए। लोगों से मदद की गुहार लगाने लगे लेकिन जब उनकी मदद के लिए कोई आगे नहीं बढ़ा तब उन्होंने माल ढोने वाले ठेले को स्ट्रेचर बना लिया। जहीर खान ने ठेले में मरीज लिटाकर तुरंत अस्पताल के लिए भागे और करीब 800 मीटर तक ठेले को धकेला लेकिन मरीज को बचा न पाए और मरीज ने दम तोड़ दिया।

जहीर खान को है जान न बचा पाने का मलाल

जहीर खान ने इस मामले में कहा कि मैंने मरीज को बचाने की पुरजोर कोशिश की थी लेकिन मुझे जीवन भर मलाल रहेगा कि मैं उस व्यक्ति को बचा नहीं पाया। उन्होंने आगे कहा कि जब मैं झांसी रेलवे स्टेशन में नीचे उतरा था तब मैंने कई लोगों से मदद की गुहार लगाई थी लेकिन किसी ने भी आगे बढ़कर मेरी मदद नहीं की, जोकि बेहद शर्मनाक है।

पत्नी भी है पुलिसकर्मी

ज़हीर खान खुद पुलिस अधिकारी हैं और उनकी पत्नी भी पुलिस सेवा में पदस्थ हैं। उनकी पत्नी ने अपने गंतव्य पर पहुंचने के बाद ज़हीर खान को कॉल करके पूछा कि वो आदमी बचा या नहीं लेकिन जहीर खान ने बड़े उदास मन से बताया कि व्यक्ति की जान बचाने में वे असफल रहे।

रॉयल प्रेस क्लब ने टीआई ज़हीर खान को किया सम्मानित

रॉयल प्रेस क्लब ने किया सम्मानित

टीआई जहीर खान ने मरीज की जान बचाने के लिए भरसक प्रयास किया था। इस प्रयास को देखते हुए आज रॉयल प्रेस क्लब ने उन्हें सम्मानित किया है। इस मौके पर ज़हीर खान ने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर ,वकील पुलिस आईएएस अफसर बनना तो आसान है लेकिन एक अच्छा इंसान बनना बहुत मुश्किल है। इसलिए हर इंसान में इंसानियत होना बहुत जरूरी है जो कि झांसी स्टेशन पर किसी मे भी दिखाई नहीं दी।

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रॉयल प्रेस क्लब ने क्या कहा?

रॉयल प्रेस क्लब के सदस्यों ने जहीर खान को सम्मानित करते हुए कहा कि आपाधापी और भागदौड़ की ज़िंदगी मे इंसान इतना मतलबी और मौकापरस्त हो चुका है कि उसे दूसरे की ज़रा भी फिक्र नहीं रहती, लेकिन इंसान को यह बात हमेशा याद रखना चाहिए कि कभी न कभी अकेले में उनके साथ भी ऐसा हादसा हो जाये तो उनकी मदद कौन करेगा? इसलिए पद से पहले इंसानियत को आगे रखना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि ज़हीर खान जी आपके हौसले को और काम को दिल से सलाम आप सदैव इसी तरह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे।

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English summary
TI Zaheer Khan became an example of humanity, tried to save the life of a patient by turning a freight cart into a stretcher
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