Rewa News : फर्जी biometric अंगूठा बनाकर निकाल लेते थे पैसे, इस तरह वारदात को देते थे अंजाम
रीवा, 10 अक्टूबर। बीते महीने जिले से ग्राहक सेवा केंद्रों से लोगों के अंगूठे का छाप लेकर उसकी बायोमैट्रिक क्लोनिंग के जरिए धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। अब बायोमैट्रिक के माध्यम से बैंक खातों से लाखों रुपये निकालने साइबर गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से बने हुए क्लोन फिंगरप्रिंट और फिंगर प्रिंट बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।

2 से 3 महीने से कर रहे थे ठगी
पीड़ित ऋषकुमार पिता ओम प्रकाश 31 साल शाखाप्रबंधक मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा खटखरी के द्वारा अपने लिखित शिकायती आवेदन पत्र खाताधारक इन्द्रपाल सिंह पिता बुद्धसेन सिंह निवासी हनुमना से लगातार पिछले 2-3 माह से रीवा के चाकघाट स्थिति कियोस्क बैंक के माध्यम से एईपीएस सिस्टम से रुपये निकाले जा रहे थे।

ये है पूरा मामला
जानकारी आईटी विभाग प्रधान कार्यालय सागर द्वारा 30 सितंबर 2022 को फोन कॉल के माध्यम से जानकारी मिली, जिस पर उक्त खाता धारक से जानकारी ली गई तो बताया कि मेरे द्वारा किसी भी प्रकार का कियोस्क बैंक चाकघाट से रुपये का लेन देन नहीं किया गया है। किसी व्यक्ति के द्वारा इन्द्रपाल सिंह के खाता क्रमांक 8078326071 से धोखाधड़ी कर कियोस्क बैंक से बायो मेट्रिक डिवाइस के माध्यम से फर्जी तरीके से पैसे निकाल रहा है। इसकी रिपोर्ट पर थाना शाहपुर में अपराध क्रमांक 228/2022 धारा 420 एवं 66 (डी) आईटी एक्ट का मामला दर्ज कर जांच में लिया गया।

एसडीओपी ने गठित की टीम
जांच के दौरान एसडीओपी नवीन दुबे के द्वारा अज्ञात आरोपियों की पहचान करने के लिए थाना टीआई शाहपुर उपनिरी, बालकेश सिंह और थाना प्रभारी चाकघाट उपनिरी, अभिषेक पटेल के नेतृत्व में संयुक्त टीमों का गठन किया गया और अज्ञात आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई। जिस कियोस्क संचालक के खाते से पैसा निकाला गया था। उस कियोस्क सेंटर उमेश साकेत से पूछताछ कर मेमोरेण्डम कथन लिया गया,

ऐसे करते थे ठगी
योग संचालक के कर्मचारी जो भी खाता धारक सेंटर आता था उनको यह बोला चाहता था कि आप सभी का रिकार्ड रखना पडता है और खाता धारक के अंगूठे का निशान 1 प्रिन्ट कागज पर ले कर उसका नाम व आधार नम्बर लिखवा लेना और अपने साथी मणिराज सिंह को अगूठे का फिंगर प्रिन्ट बनवाने के लिए दे देते थे, मणिराज सिंह ने इलाहाबाद में शहाबुद्दीन और फिरोज के यहां से 2 हजार रुपये में बायोमेट्रिक फिंगर बनवाकर उमेश साकेत को दे देता था ।

आरोपियों के पास से ये सामान किया बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 अदद प्रिन्टर, 2 अदद मानीटर, माऊस कीबोर्ड, 2 अदद सी.पी. यू. 1 अदद पॉलिमर स्टाम्प यूनिट मशीन, 2 अदद यू.पी.एस. 1 अदद कैची, 2 अदद कांच, 1 अदद बायोमैट्रिक फिंगर मशीन, 1 अदद पेन ड्राइव, 4 अदद पालीथीन जिसमें रबड़ के टुकड़े में फिंगर प्रिन्ट बना है 21 नग बटर पेपर, 11 एमएल प्रिन्ट इन कैंसर, मोहर बनाने का केमिकल, पालिस बस और भी अन्य सामग्री बरामद की गई हैं।

आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल
आरोपियों के कब्जे से कम्प्यूटर, प्रिन्टर और मोहर मशीन एवं 1 अन्य सामग्री जप्त कर कब्जे में पुलिस ने लिया और मामले में धारा दर्ज की और उक्त आरोपियों के द्वारा घटना घटित करना स्वीकार करने पर गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।
इन आरोपियों को भेजा गया जेल
शहाबुद्दीन उर्फ धोले पिता गयासुद्दीन उम्र 38 वर्ष निवासी फुलदाबाद याना फुलदाबाद जिला प्रयागराज (उ.प्र.)।
मोहम्मद फिरोज अहमद पिता मोहम्मद असलम उम्र 40 वर्ष निवासी मन्सूर पार्क बक्सीबाजार थाना फुलदाबाद जिला प्रयागराज (उ.प्र.)
उमेश कुमार साकेत पिता रामसभा साकेत उम्र 22 वर्ष निवासी बहोडी वार्ड क्रमांक 15 थाना चाकघाट जिला रीवा
मणिराज सिंह पिता महेन्द्र पाल सिंह उम्र 24 वर्ष निवासी चालू थाना बारा जिला प्रयागराज (उ.प्र.)












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