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Bhopal में बारिश का कहर, स्कूल-कॉलेज 30 जुलाई को बंद, कलेक्टर का आदेश, जानिए कब तक रहेगा ऐसा मौसम

MP Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सोमवार रात से शुरू हुई तेज बारिश मंगलवार, 29 जुलाई 2025 को भी जारी रही, जिसके कारण सड़कों पर जलभराव, घरों में पानी घुसने, और बांधों के गेट खोलने की स्थिति बन गई है।

भारी बारिश और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को सभी स्कूलों और कॉलेजों में 30 जुलाई 2025 के लिए अवकाश घोषित कर दिया।

Rain havoc in Bhopal Schools and colleges closed on July 30 Collector order MP Weather

यह आदेश सरकारी, गैर-सरकारी, और CBSE से संबद्ध सभी स्कूलों और कॉलेजों पर लागू होगा। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, और कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अगर बारिश का दौर जारी रहा, तो छुट्टी को और बढ़ाया जा सकता है। यह खबर भोपाल में बारिश की स्थिति, प्रशासनिक कदमों, और जनता पर इसके प्रभाव को विस्तार से उजागर करती है।

कलेक्टर का आदेश: स्कूल-कॉलेज बंद, सुरक्षा प्राथमिकता

भोपाल में पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया है। हमीदिया रोड, रेलवे स्टेशन, अयोध्या बायपास, और इको ग्रीन पार्क जैसे निचले इलाकों में 2 फीट तक पानी जमा हो गया है। कई कॉलोनियों में घरों में पानी घुस गया, और कोलार नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1 फीट ऊपर पहुंचने से बड़ा तालाब का लेवल बढ़ गया है। मंगलवार दोपहर 12 बजे कलियासोत डैम के गेटों की टेस्टिंग की गई, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया।

इन हालातों को देखते हुए भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को आदेश जारी कर सभी शैक्षणिक संस्थानों-सरकारी, गैर-सरकारी, CBSE, और अन्य बोर्ड से संबद्ध स्कूलों और कॉलेजों-में 30 जुलाई 2025 को अवकाश घोषित किया। आदेश में कहा गया, "लगातार बारिश और जलभराव के कारण बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। शिक्षकों को स्कूल में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन छात्रों के लिए अवकाश रहेगा।" कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर बारिश की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो छुट्टी को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।

बारिश का कहर: जलभराव, बांधों का अलर्ट, और रेस्क्यू

भोपाल में पिछले 24 घंटों में 33 मिमी बारिश दर्ज की गई, और मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में 4.5 से 8 इंच बारिश की चेतावनी दी है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव ने यातायात को ठप कर दिया है। अयोध्या बायपास के इको ग्रीन पार्क में बाढ़ जैसे हालात हैं, जहां कई घरों में पानी घुस गया है। भोपाल म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) की टीमें सड़कों से पानी निकालने में जुटी हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है।

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, "बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण भोपाल सहित मध्य प्रदेश के 34 जिलों में भारी बारिश का दौर 1 अगस्त तक जारी रह सकता है।" भोपाल के अलावा नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, और सीहोर में भी अति भारी बारिश का अलर्ट है।

कलियासोत डैम के गेट खोलने की टेस्टिंग के बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बड़ा तालाब के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। BMC ने गुदारी घाट और अन्य निचले इलाकों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

आसपास के जिलों में स्थिति

नर्मदापुरम: तवा डैम के 9 गेट 7 फीट की ऊंचाई तक खोलकर 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। डैम का जलस्तर 1159.80 फीट पहुंच गया है। स्कूलों में 30 जुलाई को भी छुट्टी घोषित की गई है।

विदिशा: ग्यारसपुर में तेज बहाव में बही एक बच्ची को स्थानीय लोगों ने चमत्कारी रूप से बचा लिया, लेकिन शमशाबाद तहसील में कच्चा घर गिरने से 60 वर्षीय मुल्लो बाई की मौत हो गई।

  • दमोह: ब्यारमा नदी के उफान पर आने से गोपालपुर गांव में एक दंपती बाढ़ में फंस गया, जिन्हें SDRF ने रेस्क्यू किया।
  • गुना: बमोरी के कलोरा डैम की वेस्ट वियर टूटने से आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
  • अशोकनगर: 67 लोगों को जलभराव से सुरक्षित निकाला गया।
  • शिवपुरी: सीएम राइज स्कूल में फंसे 20 बच्चों को रेस्क्यू किया गया।
  • मुरैना: शासकीय स्कूल का एक हिस्सा बारिश में ढह गया, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई।

प्रशासन और राहत कार्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारी बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई और सभी कलेक्टरों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। SDRF और NDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू कार्यों में जुटी हैं। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।" ग्वालियर, सिवनी, और बैतूल में भी राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। सतपुड़ा बांध के 5 गेट खोले गए हैं, और निचले इलाकों में रहने वालों को हटाया जा रहा है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने भोपाल और आसपास के जिलों में 1 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने कहा, "भोपाल के आसपास एक डिप्रेशन सिस्टम सक्रिय है, जो भारी बारिश का कारण बन रहा है। अगले 48 घंटों तक भोपाल, नर्मदापुरम, और विदिशा में 200-400 मिमी बारिश हो सकती है।" उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी।

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