Bhopal News: राहुल गांधी के रोड शो का दिखा असर, मुस्लिम बहुल उत्तर विधानसभा में कम हुई निर्दलीयों की चर्चा
Bhopal news: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की एकमात्र मुस्लिम बहुल सीट उत्तर विधानसभा क्षेत्र में राहुल गांधी के रोड शो का असर दिखने लगा है। दरअसल, कांग्रेस की कुछ दिग्गज नेता टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ रहे है, जिससे यहां कांग्रेस प्रत्याशी आतिफ अकील को नुकसान होता दिखाई दे रहा था। लेकिन राहुल गांधी के दौरे के बाद से यहां स्थिति बदल गई है।
बता दे राहुल गांधी के रोड शो से पहले इस क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा था। इसके पीछे की वजह ये है कि मौजूदा कांग्रेस विधायक आरिफ अकील के भाई आमिर अकील कांग्रेस पार्टी से नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। वही एक और दिग्गज कांग्रेसी नेता नासिर इस्लाम भी इसी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार हैं। जिसके चलते यहां पर कांग्रेस भाजपा के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा था।

लेकिन कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी का सोमवार को रोड शो और जनसभा हुई। जिसमें लाखों की संख्या में जनसैलाब उमड़ा। जिससे उत्तर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी आतिफ अकील मजबूत स्थिति में नजर आए। वहीं स्थानीय लोगों में भी निर्दलीय प्रत्याशियों को लेकर चर्चा काम हो गई है। शाहजहानाबाद गेट के पास चाय का ठेला लगाने वाले फिरोज खान ने बताया कि पहले क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी आतिफ अकील को लेकर लोगों में उत्साह काम था, लेकिन राहुल गांधी के रोड शो के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है।

बता दे उत्तर विधानसभा क्षेत्र में नासिर इस्लाम और आमिर अकील के निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ने के कारण कांग्रेस का वोट बैंक बंट सकता है। खासतौर पर मुस्लिम वोटो के बंटने की संभावना अधिक बन रही है। जिसका फायदा भाजपा प्रत्याशी आलोक शर्मा को मिल सकता है।
भोपाल उत्तर सीट को सिर्फ एक बार जीतने में कामयाब हुई भाजपा
बता दे लगभग दो दशकों के अंतराल के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा में मुस्लिम समुदाय के दो विधायक आरिफ अकील और आरिफ मसूद साल 2018 के विधानसभा चुनाव में जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। भोपाल की उत्तर सीट की बात करें तो 1993 में यहां से भाजपा के रमेश शर्मा गुड्डू भैया चुनाव जीते थे। लेकिन उसके बाद से यहां पर लगातार कांग्रेस के प्रत्याशी जीते रहे। कांग्रेस के दिग्गज नेता 71 वर्षीय आरिफ अकील 1993 को छोड़कर 1990 से लगातार भोपाल उत्तर सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

बीजेपी का पूर्व महापौर आलोक शर्मा पर विश्वास
बता दे कांग्रेस के भीतर परिवारवाद और आंतरिक लड़ाई ने भाजपा के लिए जरूर उम्मीद की एक नई किरण जगा दी है। भाजपा ने यहां से भोपाल के पूर्व महापौर आलोक शर्मा को प्रत्याशी बनाया है इससे पहले आलोक शर्मा 2008 के विधानसभा चुनाव में आरिफ अकील को टक्कर दे चुके हैं, लेकिन उसे समय वे 4000 वोटो से चुनाव हार गए थे। लेकिन आलोक शर्मा की एंटीइनकंबेंसी फोन पर भारी पड़ रही है शर्मा खुद भोला के मेयर रह चुके हैं और पुराने भोपाल के ही निवासी हैं शर्मा ने महापौर चुनाव से पहले कई तरह के वादे किए थे उनमें सूअर मुक्त भोपाल का वादा भी महत्वपूर्ण था, लेकिन उसका कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी अब तक वह वादा पूरा नहीं हुआ।
मध्य प्रदेश में 7% मुस्लिम आबादी
मध्य प्रदेश में दो दलीय व्यवस्था ही कायम है जब भी मतदाता भाजपा से नाराज होते हैं तो वह कांग्रेस की सरकार चुनते हैं 2011 की जनगणना के अनुसार मध्य प्रदेश में मुस्लिम आबादी सात प्रतिशत है, जो अब 9% हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश में कुल विधानसभा सीटों की 47 सीटों पर मुस्लिम वोट प्रभावी है, जबकि वह कुछ क्षेत्र में वे निर्णायक भूमिका निभाते हैं।












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