Bhopal News: थाना प्रभारी सुधीर अर्जरिया क्यों हुए लाइन अटैच,जानिए, नकली चालक का भांडाफोड़, दो बसें जब्त

Bhopal News: राजधानी भोपाल के बाणगंगा चौराहे पर 12 मई को हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना अब पुलिस, परिवहन विभाग और निजी बस ऑपरेटरों की मिलीभगत का भयावह आईना बन गई है।

हादसे में महिला डॉक्टर ममता गुप्ता की मौके पर मौत हो गई और छह अन्य लोग घायल हो गए। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, एक-एक करके सिस्टम की परतें उधड़ती चली गईं।

Police station in-charge Sudhir Arjariya line attached fake driver exposed two buses seized

हादसे से ज्यादा गंभीर निकली लापरवाही

जांच के शुरुआती दौर में ही यह स्पष्ट हो गया कि यह सिर्फ "ब्रेक फेल" से हुई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि एक गहरी लापरवाही और भ्रष्टाचार की उपज थी। टीटी नगर थाना प्रभारी सुधीर अर्जरिया को घटना के बाद तथ्यों की अनदेखी और जांच में चूक के चलते लाइन अटैच कर दिया गया। उनकी जगह मानसिंह चौधरी को कमान सौंपी गई है।

पुलिस की लापरवाही, थाना प्रभारी Sudhir Arjariya लाइन अटैच

हादसे की जांच में टीटी नगर पुलिस की लापरवाही ने सनसनी मचा दी। डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके चलते थाना प्रभारी सुधीर अर्जरिया को देर रात लाइन अटैच कर दिया गया। उनकी जगह मानसिंग चौधरी को टीटी नगर थाने की कमान सौंपी गई। शुक्ला ने कहा, "जांच में किस स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी स्वतंत्र जांच शुरू हो चुकी है। तथ्य सामने आने पर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।"

सूत्रों के मुताबिक, टीटी नगर पुलिस ने हादसे के बाद शुरुआती जांच में ढिलाई बरती। बस मालिक और चालक की गलत जानकारी को बिना सत्यापन के स्वीकार कर लिया गया, जिससे जांच गलत दिशा में चली गई। यह भी आरोप है कि पुलिस ने बस के दस्तावेजों की गड़बड़ी को शुरू में नजरअंदाज किया।

फर्जी ड्राइवर का खुलासा, विशाल बैरागी नहीं था लाइसेंसधारी

इस हादसे की सबसे चौंकाने वाली परत तब खुली जब सामने आया कि बस का असली ड्राइवर न तो हादसे के वक्त बस चला रहा था और न ही उसका नाम FIR में था। बस मालिक प्रवेश नागर ने शुरुआत में एक काल्पनिक ड्राइवर 'सुनील' का नाम पुलिस को दिया, लेकिन कमला नगर पुलिस की जांच में पता चला कि बस चला रहा शख्स विशाल बैरागी था, जिसके पास हैवी व्हीकल लाइसेंस तक नहीं था।

पुलिस ने विशाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और बस मालिक नागर के खिलाफ धोखाधड़ी और न्याय में बाधा डालने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। "यह हादसा नहीं, एक सुनियोजित लापरवाही है," - DCP शुक्ला

परिवहन विभाग की नींद टूटी: दो बसें जब्त, 42 हजार का जुर्माना

  • हादसे के बाद परिवहन विभाग ने भी सख्त रुख अपनाया। 15 मई को चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान में दो गैरकानूनी रूप से संचालित बसें पकड़ी गईं:
  • एक बस बारात ले जाते हुए बिना परमिट पकड़ी गई - ₹42,000 का जुर्माना
  • दूसरी बस बिना फिटनेस और लाइसेंस के दौड़ रही थी - जब्त
  • "अब हर स्कूल बस की जांच होगी। अवैध संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" - परिवहन अधिकारी

हादसे की तह में: ब्रेक नहीं, पूरा सिस्टम फेल

जिस बस ने हादसे को अंजाम दिया वह जर्जर हालत में थी। ब्रेक फेल होना तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि नियमों की धज्जियाँ उड़ाने का नतीजा था। फिटनेस सर्टिफिकेट संदिग्ध था, चालक अनुभवहीन और लाइसेंस रहित था, और बस मालिक ने कागजातों की हेराफेरी की थी।

नकली चालक का खेल: विशाल बैरागी बेनकाब

जांच में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ, जब पता चला कि बस मालिक प्रवेश नागर ने असली चालक का नाम छिपाने की कोशिश की। शुरुआत में नागर ने दावा किया कि बस को 'सुनील' नाम का ड्राइवर चला रहा था। लेकिन कमला नगर पुलिस की सख्ती के बाद सच सामने आया कि बस विशाल बैरागी (28) चला रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि विशाल के पास हैवी व्हीकल चलाने का वैध लाइसेंस ही नहीं था।

पुलिस ने पाया कि हादसे के बाद बस का एग्रीमेंट बैकडेट में तैयार किया गया, ताकि अवैध संचालन और लाइसेंस की कमी पर पर्दा डाला जा सके। प्रवेश नागर ने जानबूझकर गलत जानकारी देकर जांच को भटकाने की कोशिश की। डीसीपी शुक्ला ने बताया, "यह गंभीर अपराध है। विशाल बैरागी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, और प्रवेश नागर के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।" न्यूज18 मध्यप्रदेश की रिपोर्ट के अनुसार, "विशाल बैरागी पहले भी कई बार बिना लाइसेंस बस चला चुका था।"

परिवहन विभाग का एक्शन, दो बसें जब्त, ₹42,000 जुर्माना

  • हादसे ने भोपाल में स्कूल बसों के अवैध संचालन की पोल खोल दी। इसके बाद परिवहन विभाग ने 15 मई को विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान दो स्कूल बसें पकड़ी गईं:
  • पहली बस: बिना परमिट के बारात ले जाते हुए पकड़ी गई। इस पर ₹42,000 का जुर्माना लगाया गया और बस को जब्त कर लिया गया।
  • दूसरी बस: होशंगाबाद रोड पर बिना परमिट के संचालन करते पकड़ी गई। इसे भी जब्त किया गया।
  • परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "हादसे के बाद हमने सख्ती बढ़ा दी है। बिना परमिट, फिटनेस, या लाइसेंस के चलने वाली बसों पर अब कड़ी नजर है।"
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