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मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने किया वादा तो नर्सिंग स्टाफ ने वापस ली हड़ताल

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भोपाल, 18 जून। मध्य प्रदेश का नर्सिंग स्टाफ अब हड़ताल पर नहीं जाएगा. जूडा के बाद नर्सिंग स्टाफ ने कुछ दिन पहले चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू कर दिया था. लेकिन अब काम बंद हड़ताल से पहले ही उन्होंने अपने इस आंदोलन को वापस ले लिया है. चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से मुलाकात के बाद नर्सिंग स्टाफ ने ये फैसला किया.

Nursing staff called off strike if Madhya Pradesh government promised

सरकार ने उनकी तमाम मांगों को पूरा करने के लिए एक समिति बनाई है. चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से गुरुवार को उनके बंगले पर नर्सिंग स्टाफ के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर अपनी मांगों पर उनसे चर्चा की. इस दौरान विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे. इस मुलाकात में मिले आश्वासन के बाद नर्सिंग स्टाफ प्रतिनिधिमंडल ने अपनी चरणबद्ध तरीके से चल रही हड़ताल को वापस लेने का ऐलान किया.

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हेल्थ डिपार्टमेंट अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र कौरव ने बताया मंत्री विश्वास सारंग से तमाम मांगों पर चर्चा हुई है. इन मांगों को पूरा करने के लिए विभाग समिति बना रहा है. उनकी सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया है. विभाग जल्द ही उनकी मांगों को पूरा करेगा. उन्होंने बताया मंत्री विश्वास सारंग और अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद ही इस हड़ताल को वापस लिया जा रहा है. अब आगे से प्रस्तावित काम बंद हड़ताल पर नर्सिंग स्टाफ नहीं जाएगा और चरणबद्ध तरीके से चल रहे आंदोलन को भी खत्म कर दिया गया है.

10 जून से आंदोलन कर रहा नर्सिंग स्टाफ

प्रदेश भर में 25000 नर्सिंग स्टाफ काम कर रहा है. अपनी मांगों को लेकर यह स्टाफ 10 जून से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहा था. सरकार को चेतावनी दी गई थी कि यदि तमाम मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तो 25 जून से नर्सिंग स्टाफ काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला जाएगा. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर मंत्री और विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा था. चरणबद्ध तरीके से चल रहे आंदोलन के तहत नर्सिंग स्टाफ ने प्रदेश भर में काली पट्टी बांधकर और थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन भी किया था. इस हड़ताल से सरकारी अस्पतालों पर असर पड़ सकता था. सरकारी अस्पतालों में वार्ड के अंदर मरीजों की पूरी देखभाल की जिम्मेदारी नर्सिंग कर्मचारियों की होती है.

नर्सिंग कर्मचारियों की मुख्य मांग

1- नर्सेस कर्मचारियों का केंद्र और दूसरे राज्यों की तरह नाम परिवर्तित किया जाए. स्टाफ नर्स को नर्सिंग ऑफिसर और नर्सिंग सिस्टर को सीनियर नर्सिंग ऑफिसर बनाया जाए.
2- डिप्लोमा, डिग्री धारी नर्सेस कर्मचारियों को तीन, चार विशेष वेतन वृद्धि चिकित्सा महाविद्यालय और रीवा में दी गई है, जबकि प्रदेश में ही अन्य चिकित्सा महाविद्यालय में कार्यरत नर्सेस कर्मचारियों को नहीं दी जा रही है. विभाग द्वारा सौतेला व्यवहार कर वेतन वृद्धि का लाभ आज दिनांक तक नहीं दिया गया. शेष चिकित्सा महाविद्यालयों के नर्सेस कर्मचारियों को तीन और चार वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए.

English summary
Nursing staff called off strike if Madhya Pradesh government promised
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