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MP News: इंदौर में हैरान कर देने वाला मामला, बस की सीट पर मिला नवजात, माता-पिता कैसे हुए गायब! जानिए

MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है। सरवटे बस स्टैंड से सनावद रूट पर चलने वाली अमर ज्योति ट्रैवल्स की एक प्राइवेट बस की सीट पर एक नवजात शिशु को अज्ञात व्यक्ति ने छोड़ दिया। कंडक्टर को "सामान लाने" का बहाना बनाकर उतरे माता-पिता थोड़ी देर बाद लौटे ही नहीं, जिसके बाद कंडक्टर ने पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने मासूम बच्चे को दस्तयाब कर लिया और अब CCTV फुटेज तथा कंडक्टर की पूछताछ के आधार पर माता-पिता की तलाश तेज कर दी है। यह घटना न केवल इंदौर की भीड़भाड़ वाली बस यात्रा की असुरक्षा को उजागर कर रही है, बल्कि नवजातों के परित्याग की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी सवाल खड़े कर रही है। आइए, इस दर्दनाक घटना की पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं।

Newborn baby found on seat of Indore s Amar Jyoti Travels search underway with CCTV footage

घटना का पूरा विवरण: बस स्टैंड से सनावद रूट पर चली बस बनी परित्याग का साधन

घटना सोमवार सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। सरवटे बस स्टैंड, जो इंदौर का प्रमुख प्राइवेट बस टर्मिनल है, से अमर ज्योति ट्रैवल्स की एक नॉन-AC बस (रजिस्ट्रेशन नंबर: MP-09-कुछ) सनावद (खरगोन जिले) की ओर रवाना हुई। बस में करीब 30-35 यात्री सवार थे, ज्यादातर मजदूर और दैनिक यात्री। कंडक्टर राजेश पटेल (35 वर्ष) ने बताया, "एक युवा जोड़ा - लगभग 25-28 वर्ष की आयु का - सुबह 8:45 बजे बस में चढ़ा। उनके पास एक लाल रंग का बैग और एक नवजात शिशु था, जो कंबल में लिपटा हुआ था। शिशु की उम्र 2-3 दिन से ज्यादा नहीं लग रही थी। वे पीछे की सीट (नंबर 25-26) पर बैठे।"

कंडक्टर के अनुसार, बस स्टैंड से महज 500 मीटर आगे बढ़ते ही जोड़े ने कहा, "सामान लाने के लिए उतरना है।" वे बिना किसी संकोच के शिशु को सीट पर ही छोड़कर उतर गए। कंडक्टर ने इंतजार किया, लेकिन 10 मिनट बाद भी वे नहीं लौटे। "मैंने सोचा शायद स्टैंड पर ही रुक गए होंगे, लेकिन यात्री शोर मचाने लगे। सीट पर रोता शिशु देखकर दिल डूब गया। तुरंत बस रोकी और पुलिस को फोन किया," पटेल ने मीडिया से बातचीत में कहा।

बस को तुरंत वापस सरवटे स्टैंड पर लाया गया, जहां पुलिस ने शिशु को दस्तयाब किया। बच्चा स्वस्थ था, लेकिन भूखा और रो रहा था। प्रारंभिक जांच में शिशु लड़का है, जिसका वजन करीब 2.5 किलोग्राम है। पुलिस ने तुरंत उसे नजदीकी महाराजा यशवंत राजकीय अस्पताल (MYH) के नवजात शishu वार्ड में भेज दिया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई।

कंडक्टर की तत्परता: "दिल दहला देने वाला पल"

कंडक्टर राजेश पटेल, जो 5 साल से अमर ज्योति ट्रैवल्स में काम कर रहे हैं, ने अपनी बहादुरी का परिचय दिया। उन्होंने कहा, "शुरू में लगा कि जोड़ा सामान लेने गया है, लेकिन शिशु की रोने की आवाज ने सबको परेशान कर दिया। मैंने यात्रियों से कहा कि कोई मदद करे, लेकिन कोई आगे नहीं आया। पुलिस आने तक शिशु को संभाला।" कंपनी मालिक ने पटेल को 10,000 रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है।

पुलिस की जांच: CCTV फुटेज और कंडक्टर पूछताछ से माता-पिता की तलाश

सरवटे थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज वर्मा ने बताया, "कंडक्टर की सूचना पर हम तुरंत मौके पर पहुंचे। शिशु को सुरक्षित दस्तयाब किया और अस्पताल भेजा। प्रारंभिक पूछताछ में कंडक्टर ने जोड़े का वर्णन दिया - पुरुष काले जींस और सफेद शर्ट में, महिला सलवार सूट में। वे स्थानीय लग रहे थे।"

पुलिस अब सरवटे बस स्टैंड के 20 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। स्टैंड पर लगे कैमरों में बस चढ़ते जोड़े की क्लिप मिल गई है, जो फॉरेंसिक टीम को सौंपी गई। कंडक्टर से विस्तृत पूछताछ जारी है। वर्मा ने कहा, "यह परित्याग का मामला है। IPC की धारा 317 (बालक को छोड़ जाना) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। माता-पिता की पहचान जल्द हो जाएगी। शिशु को चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (CWC) के हवाले किया जाएगा।"

मध्य प्रदेश पुलिस के बाल सुरक्षा यूनिट ने भी अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इंदौर जैसे शहरों में नवजात परित्याग के मामले बढ़ रहे हैं, मुख्य कारण सामाजिक कलंक, आर्थिक तंगी या अवैध संबंध। NCRB 2024 के आंकड़ों के अनुसार, MP में 1,200 से अधिक ऐसे मामले दर्ज हुए।

अमर ज्योति ट्रैवल्स की प्रतिक्रिया: "सुरक्षा पर जोर"

कंपनी मालिक अजय जैन ने कहा, "हमारी बसों में यात्री सुरक्षा प्राथमिकता है। कंडक्टर ने सही किया। अब हम ड्राइवर-कंडक्टरों को बाल सुरक्षा पर ट्रेनिंग देंगे।" सरवटे बस स्टैंड प्रबंधन ने भी यात्रियों से अपील की कि संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत सूचना दें।

विशेषज्ञ सलाह: परित्याग से बचाव और क्या करें?

बाल अधिकार विशेषज्ञ डॉ. नेहा शर्मा ने कहा, "ऐसे मामलों में तुरंत 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर कॉल करें। माता-पिता को सलाह: आर्थिक मदद के लिए सरकारी योजनाएं जैसे PMMVY या ICPS का सहारा लें।" पुलिस ने यात्रियों से अपील की: "बस में अकेला बच्चा दिखे तो कंडक्टर को बताएं।"

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