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MP Politics News: निर्मला सप्रे की सदस्यता पर सुनवाई, उमंग सिंघार बोले– भाजपा उपचुनाव से डरती है

MP Politics: मध्य प्रदेश की राजनीति में दलबदल को लेकर चल रहे एक अहम मामले में मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र तोमर के समक्ष महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।

यह सुनवाई बीना से विधायक निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता से जुड़े दलबदल प्रकरण को लेकर की गई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मजबूती के साथ कांग्रेस का पक्ष रखा और अपने दावों के समर्थन में ठोस सबूत प्रस्तुत किए।

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उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद तेज हुई प्रक्रिया

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सुनवाई के बाद बताया कि इस प्रकरण को लेकर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा विधानसभा से यह जानकारी मांगी गई थी कि दलबदल मामले में अब तक क्या कार्यवाही की गई है। विधानसभा की ओर से न्यायालय को अवगत कराया गया था कि मामले में प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में आज उन्हें विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था।

90 दिनों में निर्णय का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

उमंग सिंघार ने कहा कि दलबदल से जुड़े मामलों में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि ऐसे मामलों में 90 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला काफी समय से लंबित है, इसलिए अब संविधान और न्यायिक निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध फैसला जरूरी हो गया है।

भाजपा मंच से सदस्यता लेने के सबूत किए पेश

नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष ऐसे पुख्ता और ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि विधायक निर्मला सप्रे ने भाजपा के मंच से सार्वजनिक रूप से सदस्यता ग्रहण की है। इसके साथ ही उन्होंने विधायक के सार्वजनिक बयान, कार्यक्रमों में उपस्थिति और अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत किए, जो दलबदल की पुष्टि करते हैं।

उमंग सिंघार ने कहा कि यह मामला किसी राजनीतिक आरोप का नहीं, बल्कि संवैधानिक व्यवस्था और जनादेश की मर्यादा से जुड़ा हुआ है।

"भाजपा उपचुनाव से डरती है" - सिंघार

सुनवाई के बाद मीडिया से चर्चा में उमंग सिंघार ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में निर्णय को जानबूझकर टालने का प्रयास कर रही है, क्योंकि उसे उपचुनाव का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को आशंका है कि यदि बीना विधानसभा में उपचुनाव हुए, तो उसे जनता के आक्रोश और कांग्रेस की मजबूती के कारण करारी हार का सामना करना पड़ेगा।

निष्पक्ष और समयबद्ध निर्णय की उम्मीद

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उम्मीद जताई कि विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र तोमर अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करते हुए इस मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान की मर्यादा के अनुसार न्याय की अपेक्षा करती है और सच्चाई के आधार पर फैसला आने का भरोसा रखती है।

प्रदेश की राजनीति में बढ़ा सियासी ताप

बीना विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता से जुड़ा यह मामला अब मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है। सुनवाई के बाद यह साफ है कि आने वाले दिनों में विधानसभा अध्यक्ष का फैसला न केवल बीना सीट, बल्कि प्रदेश की सियासी दिशा पर भी असर डाल सकता है।

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