MP News: किसान सावधान! पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त अटक सकती है, जानें पूरी जानकारी
MP News Kisan: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत लाखों किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में 2,000-2,000 रुपये की दर से किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की जाती है।
मध्य प्रदेश के करीब 1.2 करोड़ किसान इस योजना से जुड़े हैं, जो राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। लेकिन अब 21वीं किस्त जारी होने के महज दो सप्ताह बाद ही 22वीं किस्त को लेकर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं।

21वीं किस्त को 19 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयंबटूर से जारी किया था, जिसमें 9 करोड़ से अधिक किसानों को 18,000 करोड़ रुपये का लाभ मिला। मध्य प्रदेश में भी लाखों किसानों के खातों में यह राशि पहुंच चुकी है। लेकिन 22वीं किस्त (लगभग 20,500 करोड़ रुपये की) की रिलीज डेट अभी स्पष्ट नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फरवरी 2026 के अंत तक आ सकती है, संभवतः 28 फरवरी 2026 को। हालांकि, यह तारीख अंतिम नहीं है और आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
समस्या यह है कि कई किसान बिना जाने ही इस किस्त से वंचित हो सकते हैं। योजना के नियमों के अनुसार, e-KYC पूरा न होने, आधार कार्ड सीडिंग न होने या बैंक खाते से लिंक न होने पर किस्त सीधे अटक जाती है। मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में तकनीकी जागरूकता की कमी के कारण हजारों किसान इस जाल में फंस चुके हैं। वनइंडिया हिंदी की पड़ताल में पता चला कि राज्य के बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्रों में 10-15% किसान अभी भी e-KYC से वंचित हैं। आइए, जानते हैं कि 22वीं किस्त पाने के लिए क्या-क्या जरूरी कदम उठाने होंगे, वरना आपका पैसा लटक सकता है।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना: एक नजर में
PM-KISAN योजना की शुरुआत 1 दिसंबर 2018 को हुई थी, जिसे 24 फरवरी 2019 को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे खेती-बाड़ी के लिए बीज, खाद और अन्य जरूरी चीजों की खरीदारी कर सकें। योजना पूरी तरह केंद्र प्रायोजित है और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि पहुंचाई जाती है।
लाभ: सालाना 6,000 रुपये (तीन किस्तें: अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर, दिसंबर-मार्च)।
पात्रता: 2 हेक्टेयर तक की जोत वाले छोटे/सीमांत किसान परिवार (आयकर दाता, पेंशनभोगी आदि को छोड़कर)।
कवरेज: देशभर में 11 करोड़ से अधिक किसान पंजीकृत।
मध्य प्रदेश में स्थिति: 1.2 करोड़ लाभार्थी, लेकिन 5-7 लाख अभी भी पात्रता सत्यापन में अटके।
योजना की सफलता के बावजूद, तकनीकी बाधाओं ने कई किसानों को परेशान कर रखा है। 21वीं किस्त में ही मध्य प्रदेश के 2 लाख किसानों को e-KYC के अभाव में राशि नहीं मिली।
22वीं किस्त क्यों अटक सकती है? मुख्य कारण और समाधान
कई किसान सोचते हैं कि बस पंजीकरण हो गया तो किस्त आ ही जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं। योजना के सख्त नियम हैं, जिन्हें पूरा न करने पर राशि रोक ली जाती है। यहां प्रमुख कारण और उनके समाधान दिए जा रहे हैं:
1. e-KYC अनिवार्य:
सबसे बड़ा कारण e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) का अधूरा होना। 2023 से यह अनिवार्य है। बिना e-KYC के कोई किस्त नहीं।
समाधान: pmkisan.gov.in पर जाएं। 'e-KYC' ऑप्शन चुनें। OTP आधारित (मोबाइल नंबर से), फेस रिकग्निशन या बायोमेट्रिक से वेरिफाई करें। समय: 5 मिनट। मध्य प्रदेश के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर भी मुफ्त मदद लें।
चेतावनी: 31 दिसंबर 2025 तक e-KYC न करने पर खाता डीएक्टिवेट हो सकता है।
2. आधार कार्ड सीडिंग:
आधार नंबर बैंक खाते और PM-KISAN पोर्टल से लिंक न होने पर किस्त अटक जाती है। 21वीं किस्त में ही 15% किसानों का आधार अपडेट नहीं था।
समाधान: पोर्टल पर 'आधार सुधार' सेक्शन में जाकर अपडेट करें। बैंक शाखा या CSC से भी करवाएं।
दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक।
3. बैंक खाते का सत्यापन:
खाता बंद, नाम मिसमैच या IFSC गलत होने पर राशि रिफंड हो जाती है।
समाधान: 'डिजिटल बैंक मिटिगेशन' सेक्शन चेक करें। गलती सुधारें। NPCI मैपिंग जरूरी।
4. भुगतान के लिए स्व-घोषणा:
पात्रता में बदलाव (जैसे नौकरी लगना) न बताने पर ब्लैकलिस्ट हो सकते हैं।
समाधान: हर साल 'स्व-घोषणा पत्र' जमा करें।
5. भौतिक सत्यापन:
कुछ मामलों में स्थानीय स्तर पर फील्ड वेरिफिकेशन होता है। मध्य प्रदेश में 50,000 किसानों का अभी लंबित है।
समाधान: जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
यदि ये कदम न उठाए, तो 22वीं किस्त के साथ-साथ अगली किस्तें भी प्रभावित होंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी 2026 से पहले सब कुछ पूरा कर लें।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: 22वीं किस्त के लिए पात्रता चेक और अपडेट कैसे करें
1. पोर्टल पर लॉगिन: pmkisan.gov.in पर जाएं। 'फार्मर कॉर्नर' > 'नो योर स्टेटस' चुनें। रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार डालें।
2. e-KYC करें: 'e-KYC' > आधार नंबर डालें > OTP वेरिफाई।
3. भुगतान स्टेटस चेक: 'नो योर स्टेटस' में 21वीं किस्त का स्टेटस देखें। यदि 'क्रेडिटेड' न दिखे, तो अपडेट करें।
4. रजिस्ट्रेशन यदि नया: CSC या कृषि विभाग से फॉर्म भरें। दस्तावेज: आधार, बैंक डिटेल्स, जमाबंदी।
5. हेल्पलाइन: 155261 या 011-24300606 पर कॉल करें।
मध्य प्रदेश सरकार ने 1,000 से अधिक CSC सेंटरों पर विशेष कैंप लगाने का ऐलान किया है। 15 दिसंबर तक ये कैंप चलेंगे।
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए विशेष अपडेट
मध्य प्रदेश में PM-KISAN से जुड़े 1.2 करोड़ किसानों में से 90% को 21वीं किस्त मिल चुकी है, लेकिन बुंदेलखंड (दतिया, टीकमगढ़) और महाकौशल (मंडला, बालाघाट) में देरी की शिकायतें हैं। राज्य कृषि मंत्री कहते हैं, "e-KYC को 100% पूरा करने का लक्ष्य है।" लेकिन विपक्ष का आरोप है कि ग्रामीण इंटरनेट की कमी से किसान परेशान हैं।
एक किसान रामस्वरूप (नाम बदला हुआ) ने बताया, "मेरा e-KYC फंस गया। CSC दूर है, लेकिन अब करवा लूंगा।" विशेषज्ञ सलाह देते हैं: मोबाइल ऐप 'PM Kisan' डाउनलोड करें, सब आसान।
समय रहते सावधानी बरतें, वरना 2,000 रुपये का नुकसान
पीएम किसान योजना किसानों का हक है, लेकिन तकनीकी अपडेट इसे सुनिश्चित करते हैं। 22वीं किस्त फरवरी 2026 में आने वाली है, लेकिन e-KYC और आधार सीडिंग न होने पर यह सपना बनकर रह जाएगी। मध्य प्रदेश के किसान भाइयों, आज ही pmkisan.gov.in पर चेक करें। सरकार की मंशा अच्छी है, लेकिन जिम्मेदारी आपकी भी। जय जवान, जय किसान!
वनइंडिया हिंदी लगातार अपडेट लाता रहेगा। आपका स्टेटस चेक किया? कमेंट में बताएं।












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