MP : नर्सिंग स्टूडेंट 3 साल से एक ही क्लास में, नहीं हुए एग्जाम, मंत्री विश्वास सारंग ने वीसी को लगाई फटकार
एमपी के आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में समय पर परीक्षा और परीक्षा परिणाम जारी नहीं किए जाने को लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मंत्रालय में बैठक कर वीसी सहित कई अधिकारियों को फटकार लगाई है।
मध्यप्रदेश में नर्सिंग स्टूडेंट्स की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है पिछले 3 साल से परीक्षाएं नहीं होने से प्रदेश भर के करीब 70 हजार से अधिक स्टूडेंट्स का भविष्य खतरे में पड़ गया। स्टूडेंट्स का कहना है कि वे पिछले 3 साल से एक ही कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं। हम लोग परीक्षा की तैयारी करते हैं और एनवक्त पर परीक्षा निरस्त कर दी जाती है। साल 2020 21 की परीक्षा 1 साल पहले ही हो जाना थी, जो कि अब तक नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की डिग्री में देरी हो रही है। दरअसल आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर की तरफ से घोषित की गई परीक्षा फिर से निरस्त कर दी गई। ये तीसरी बार है जब परीक्षा निरस्त की गई है।

3 साल से नर्सिंग कॉलेज में नहीं हुई परीक्षा
बतादे पिछले 3 साल से नर्सिंग कॉलेज में परीक्षा नहीं हुई है। जिससे 70 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में पहुंच गया है। NSUI मेडिकल विंग के संयोजक रवि परमार ने बताया कि पहले लॉकडाउन और कोरोना का बहाना बनाकर एग्जाम नहीं हुए और वर्तमान में भी अभी तक छात्रों को एनरोलमेंट नहीं हुआ है, इससे परीक्षा में देरी होने से विद्यार्थियों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा जल्द करवाई जाए।
मंत्री सारंग ने बीसी को लगाई फटकार
मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में समय पर परीक्षा और परिणाम जारी नहीं किए जाने को लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बुधवार को मंत्रालय में विश्वविद्यालय की समीक्षा के दौरान कुलपति अशोक खंडेलवाल और अन्य अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सभी संकायों की परीक्षाएं और परीक्षा परिणाम जल्द से जल्द घोषित किए जाएं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को कोरोना काल में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को 3 वर्षों से प्रभावित परीक्षा कैलेंडर को आगामी 10 माह की समय सीमा में पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कुलपति डॉ खंडेलवाल ने बताया कि इस साल 45000 अंकसूची, 7000 डिग्री, 6500 प्राविधिक प्रमाण पत्र, 2500 माइग्रेशन प्रमाण पत्र, विद्यार्थियों को प्रदान किए गए। सितंबर 2022 तक घोषित परीक्षा परिणामों की अंकसूची संबंधित महाविद्यालय तक पहुंच चुकी है।
फर्जी नर्सिंग कॉलेज का नहीं सुलझा मामला
फर्जी नर्सिंग कॉलेज का मामला अब तक नहीं सुलझा है, जिससे मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े से करीब 11 हजार छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार सुनीता रिजु को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके साथ ही 93 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी गई थी।












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