MP News: भोपाल में दूध की कीमतों पर बवाल! विभा पटेल की अगुवाई में महिला कांग्रेस का हल्ला बोल
MP News: सियासत में कई बार मामूली चीजें बड़े जनआंदोलन का रूप ले लेती हैं। इस बार ऐसी ही एक चिंगारी बनी है दूध की कीमतों में बढ़ोतरी। भोपाल की सड़कों पर मंगलवार को एक अलग ही दृश्य देखने को मिला - नारों की गूंज, हाथों में पोस्टर, और नेतृत्व में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल। विरोध सिर्फ दामों का नहीं था, बल्कि उस नीति का था जिसने रसोई की नींव हिला दी है।
"डबल इंजन की सरकार, बेलगाम महंगाई की मार"
महिला कांग्रेस ने दूध के दाम में की गई 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को जनविरोधी करार देते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। विभा पटेल ने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, "यह डबल इंजन नहीं, डबल बोझ की सरकार है। हर बार जनता की जेब काटी जाती है, और अब तो उनके बच्चों के दूध पर भी राजनीति हो रही है।"

उन्होंने कहा कि सिर्फ 10 महीने में दूसरी बार दूध की कीमतें बढ़ाई गई हैं, जो यह साबित करती है कि भाजपा सरकार को न जनता की चिंता है, न महिलाओं की।
विभा पटेल का हमला: "BJP की नीतियां जनविरोधी और महिलाविरोधी"
प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा में श्रीमती विभा पटेल ने BJP सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "डबल इंजन की BJP सरकार की दोषपूर्ण नीतियों ने आम जनता को बेलगाम महंगाई के हवाले कर दिया है। सब्जी, तेल, मसाले, आटा, चावल-सब कुछ आसमान छू रहा है, और अब दूध की कीमतें भी 10 महीने में दूसरी बार बढ़ा दी गईं। यह सरकार जनविरोधी और महिलाविरोधी है!"
विभा पटेल ने बताया कि सांची दूध ने 7 मई से सभी वेरिएंट्स-फुल क्रीम, गोल्ड, शक्ति, टोंड, और चाय स्पेशल-के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इससे सanchi गोल्ड अब 66 रुपये/लीटर, शक्ति 60 रुपये/लीटर, और ताजा 54 रुपये/लीटर हो गया है। उन्होंने कहा, "यह बढ़ोतरी आम आदमी की थाली से दूध छीन रही है। गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, और बुजुर्ग दूध के बिना कैसे रहेंगे? BJP के राज में दूध लग्जरी बनता जा रहा है!"
उन्होंने आगे कहा, "महंगाई की सुरसा की तरह बढ़ती कीमतों ने दो वक्त की दाल-रोटी का जुगाड़ भी मुश्किल कर दिया है। BJP सरकार को शर्म आनी चाहिए कि वह गरीब और मध्यम वर्ग की रसोई पर डाका डाल रही है। हम मांग करते हैं कि सांची दूध की बढ़ी कीमतें तुरंत वापस ली जाएं!" उनके भाषण ने कार्यकर्ताओं और स्थानीय महिलाओं में जोश भरा, और "BJP सरकार, शर्म करो!" के नारे गूंजने लगे।
MP News: ज्ञापन में मांग: "दूध की बढ़ोतरी वापस लो!"
विभा पटेल ने जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में सांची दूध की कीमतों में की गई बढ़ोतरी को "अनुचित" और "उपभोक्ता विरोधी" बताया। ज्ञापन में प्रमुख मांगें शामिल थीं:
- कीमत वृद्धि वापस लेना: सांची दूध की 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को तत्काल रद्द किया जाए।
- महंगाई पर नियंत्रण: खाद्य सामग्री और दैनिक जरूरतों की कीमतों पर सरकार नियंत्रण लागू करे।
- पशुपालकों के लिए सब्सिडी: चारे और पशु चिकित्सा पर सब्सिडी देकर दूध उत्पादन की लागत कम की जाए, ताकि उपभोक्ताओं पर बोझ न पड़े।
- महिलाओं और बच्चों के लिए राहत: दूध को आवश्यक वस्तु सूची में प्राथमिकता देकर इसकी कीमतें स्थिर रखी जाएं।
ज्ञापन स्वीकार करते हुए जिला प्रशासन के अधिकारी ने आश्वासन दिया कि मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो वे उग्र आंदोलन शुरू करेंगी।
MP News: भोपाल की सड़कों पर गुस्सा, महिलाओं की आवाज
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने दूध की बढ़ती कीमतों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी पर बोझ बताया। संतोष कंसाना ने कहा, "मेरा बेटा 3 साल का है। उसे रोज दूध चाहिए। 66 रुपये लीटर दूध कैसे खरीदें? BJP सरकार को गरीब मांओं की चिंता नहीं है।" रशीदा मुस्तफा ने जोड़ा, "चाय की दुकानें, मिठाई की दुकानें-सब पर असर पड़ेगा। दूध महंगा होने से पूरी अर्थव्यवस्था डगमगा रही है।"
स्थानीय गृहिणी शीतल मालवीय ने कहा, "पहले अमूल ने 1 मई को 2 रुपये बढ़ाए, अब सanchi ने 7 मई को। यह तो डबल मार है। सरकार को लगता है कि हम चुपचाप सह लेंगे, लेकिन हमारी आवाज अब सड़कों पर है!" प्रदर्शन में शामिल कई महिलाओं ने आत्मदाह की चेतावनी दी और कहा कि अगर दूध की कीमतें कम नहीं हुईं, तो वे भोपाल में बड़ा आंदोलन शुरू करेंगी।
BJP पर निशाना "महंगाई की जिम्मेदार डबल इंजन सरकार"
विभा पटेल ने अपने भाषण में BJP की "डबल इंजन" सरकार को महंगाई का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "केंद्र में नरेंद्र मोदी और राज्य में मोहन यादव की सरकार ने जनता को महंगाई के भंवर में डाल दिया है। सanchi दूध की कीमतें पहले ही 60 रुपये से ऊपर थीं, और अब 66 रुपये तक पहुंच गई हैं। यह सरकार बड़े उद्योगपतियों की मदद करती है, लेकिन गरीब की रसोई को लूट रही है।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सanchi दुग्ध संघ और अमूल जैसी कंपनियां मुनाफाखोरी कर रही हैं, और सरकार उनकी मनमानी पर चुप है। "कंपनियां कहती हैं कि चारे की कीमतें बढ़ीं, लेकिन पशुपालकों को तो वही 40-45 रुपये लीटर मिल रहा है। फिर यह 2 रुपये की बढ़ोतरी का पैसा कहां जा रहा है?" विभा पटेल ने सवाल उठाया।
सांची और अमूल की बढ़ोतरी: डबल झटका
सांची दूध ने 7 मई से अपनी कीमतें बढ़ाईं, जो पिछले 10 महीनों में दूसरी वृद्धि है। जुलाई 2024 में भी सanchi और अमूल ने 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके ठीक छह दिन पहले, 1 मई 2025 को अमूल ने भी अपने सभी वेरिएंट्स के दाम 2 रुपये बढ़ाए थे। अब सanchi गोल्ड 66 रुपये/लीटर और अमूल गोल्ड 69 रुपये/लीटर हो गया है। इस डबल झटके ने भोपाल के उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया है।
सरकार की चुप्पी: BJP का जवाब क्या?
BJP सरकार ने अभी तक प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, खाद्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने हाल ही में कहा था कि "दूध की कोई कमी नहीं है, और कीमतें बाजार की मांग पर निर्भर करती हैं।" यह बयान प्रदर्शनकारियों को और भड़काने वाला साबित हुआ। विभा पटेल ने जवाब में कहा, "BJP के मंत्रियों को बाजार की बात करने से पहले गरीब की रसोई देखनी चाहिए। क्या वे 66 रुपये लीटर दूध खरीदकर अपने बच्चों को पिलाते हैं?"
कुछ BJP नेताओं ने प्रदर्शन को "राजनीतिक स्टंट" करार दिया। भोपाल के BJP प्रवक्ता रमेश शर्मा ने कहा, "कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे दूध की कीमतों पर हंगामा कर रहे हैं। सanchi दूध की कीमतें लागत के आधार पर बढ़ी हैं।" इस बयान पर महिला कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा, "BJP को जनता का दर्द दिखाई नहीं देता। हम सड़कों पर तब तक रहेंगे, जब तक दूध सस्ता नहीं होता!"
भोपाल में असर: रसोई से सड़क तक
दूध की बढ़ती कीमतों का असर भोपाल की रसोई से लेकर छोटे व्यवसायों तक दिख रहा है। स्थानीय चाय विक्रेता रामू यादव ने कहा, "दूध 66 रुपये लीटर हो गया, अब चाय का दाम बढ़ाना पड़ेगा। ग्राहक पहले ही कम हो रहे हैं।" मिठाई दुकानदार संजय जैन ने बताया, "दूध महंगा होने से मिठाई के दाम 10-15% बढ़ाने पड़ सकते हैं। त्योहारी सीजन में यह ग्राहकों के लिए मुश्किल होगा।"












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