Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: बीमारी ठीक करने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, दो आरोपी गिरफ्तार

MP News: बीमारी से जूझ रहे बुजुर्गों और असहाय लोगों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का थाना देहात पुलिस, नर्मदापुरम ने भंडाफोड़ किया है।

पुलिस ने इस गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके ठगी के तरीके का खुलासा किया है, जिससे साफ हो गया है कि किस तरह भावनाओं और बीमारी का फायदा उठाकर लोग लाखों की ठगी का शिकार बन रहे हैं।

Inter-state gang busted for duping people of lakhs of rupees by promising to cure illness

बीमारी ठीक करने की गारंटी, फिर लाखों की ठगी

यह मामला 13-14 दिसंबर 2025 का है। फरियादी, निवासी नर्मदापुरम से अज्ञात व्यक्तियों ने फोन पर संपर्क किया और स्वयं को परिचित बताते हुए बीमारी पूरी तरह ठीक करने की गारंटी दी। आरोपियों ने फरियादी को एक कथित डॉक्टर का मोबाइल नंबर देकर उससे बात करवाई। फोन पर डॉक्टर ने भरोसा दिलाया कि-

  • घर आकर जांच की जाएगी
  • "पेटेंट फार्मूला" से बनी दवा से बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी
  • अगले दिन दो आरोपी स्वयं को डॉक्टर और उसका सहायक बताकर फरियादी के घर पहुंचे। उन्होंने बीमारी की जांच की और महंगी दवा लेने पर पूर्ण आराम का दावा किया।

क्यूआर कोड से ₹1 लाख ट्रांसफर, फिर फरार

आरोपियों ने मोबाइल पर क्यूआर कोड दिखाकर 1 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद यह कहकर कि "दवा गाड़ी में रखी है", दोनों आरोपी घर से बाहर निकले और मौके से फरार हो गए। काफी देर इंतजार के बाद जब वे वापस नहीं लौटे, तब फरियादी को ठगी का एहसास हुआ।

मामला दर्ज, पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांच

फरियादी की शिकायत पर थाना देहात नर्मदापुरम में बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री साई कृष्णा एस. थोटा के निर्देशन में-

  • अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक: अभिषेक राजन
  • एसडीओपी नर्मदापुरम: जितेंद्र कुमार पाठक
  • के मार्गदर्शन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई।

सीसीटीवी, मोबाइल और बैंक खातों से खुला राज

जांच के दौरान पुलिस ने- आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों की जानकारी, सीसीटीवी फुटेज, घटना में प्रयुक्त वाहन के आधार पर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच में यह सामने आया कि ठगी की रकम राजस्थान में एटीएम के जरिए निकाली गई थी।

भोपाल से राजस्थान तक पीछा, साधारण वेश में दबिश

  • सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के हुलिये के आधार पर पुलिस टीम ने-
  • भोपाल के आसपास
  • राजस्थान के घुम्मकड़ डेरों वाले इलाकों
  • में साधारण वेशभूषा में तलाश शुरू की। आखिरकार घटना में प्रयुक्त वाहन के साथ दो संदिग्धों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा

आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि- वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में 50 वर्ष से अधिक उम्र के बीमार व्यक्तियों को निशाना बनाते थे। स्वयं को परिचित या जानकार बताकर भरोसा जीतते। मोबाइल पर तथाकथित डॉक्टर से बात कराकर इलाज का विश्वास दिलाते। इसके बाद "खास फार्मूला" और महंगी दवा का झांसा देकर क्यूआर कोड से रकम ट्रांसफर करवा लेते और फरार हो जाते थे।

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी-

  • वारदात के बाद मोबाइल बंद कर देते
  • सिम और मोबाइल फेंक देते
  • हर घटना में नया सिम और नया मोबाइल इस्तेमाल करते थे
  • पुलिस की अपील: सतर्क रहें, ठगी से बचें
  • नर्मदापुरम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि-
  • बीमारी ठीक करने के नाम पर दिए जा रहे किसी भी प्रलोभन में न आएं
  • बिना सत्यापन किसी को ऑनलाइन या नकद राशि न दें
  • संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें

भरोसे की बीमारी, ठगी की दवा

यह मामला एक बार फिर बताता है कि किस तरह ठग बीमारी, उम्र और मजबूरी का फायदा उठाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। पुलिस की सतर्कता से भले ही यह गिरोह पकड़ में आ गया हो, लेकिन आम नागरिकों को भी जागरूक रहना बेहद जरूरी है।

वन इंडिया हिंदी ऐसी ही क्राइम से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट आपके सामने लाता रहेगा।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+