MP के तालाब और जल संरचनाओं पर मछुआरों का पहला हक, भोपाल में केवट जयंती पर बोले सीएम शिवराज सिंह
केवट जयंती के अवसर पर एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि शासकीय तालाब और जल संरचनाओं पर पहला हक़ मछुआरों का है।

MP Fishermen: केवट समाज ने आजादी की लड़ाई में न सिर्फ अंग्रेजों को धूल चटाई बल्कि भगवान राम और सीता को इसी समाज के निषादराज ने गंगा पार लगाया था। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आयोजित केवट जयंती के अवसर पर कही।
भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम के मौके पर सीएम ने देश के लिए केवट समाज के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा है कि अन्य समाज की तरह इस समाज का भी विकास हो इसके लिए कोई कसर बाकी नहीं रहने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री बोले कि शासकीय तालाब और जल-संरचनाओं पर पहला हक मछुआरों का है। दबंगों से तालाबों का कब्जा वापस लेकर मछुआरों को दिया जाएगा। प्रदेश में अभियान चला कर केवट समाज को कब्जा देने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समिति बना कर शासकीय सेवा के लिए जाति प्रमाण-पत्र की विसंगति दूर करेंगे।
शासकीय सेवा में जो कर्मचारी हैं, उन्हें सेवा से बाहर नहीं किया जाएगा। साथ ही जहां केवट समाज की बहुलता है, वहां निषादराज स्मारक, भवन बनाएंगे। मूर्तियां लगाने का भी प्रस्ताव है। समाज के युवाओं को परम्परागत व्यवसाय के अलावा दूसरे व्यवसायों में भी आगे आने की कोशिश करनी चाहिए।

इस मौके पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि जयंती यह पवित्र अवसर समाज की विकास और प्रगति में नींव का पत्थर साबित होगा। पूरे प्रदेश में तेजी से मछुआ क्रेडिट कार्ड बन रहे हैं। समाज के विकास के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
अध्यक्ष मछुआ कल्याण बोर्ड सीताराम बाथम ने मछुआरों और केवट समाज को अधिकार दिलाने की मांग की। भोपाल में ठहरने के लिए रेस्ट हाउस की मांग रखी। प्रदेश में प्रभु केवट की मूर्तियां लगाने का भी आग्रह किया। इस ख़ास मौके पर सीएम ने केवट समाज के प्रतीक नाव पर सवार होकर नाव भी चलाई।












Click it and Unblock the Notifications