MP BJP संगठन में बड़ा बदलाव, हितानंद शर्मा को कैसे मिली RSS की बड़ी जिम्मेदारी, जानिए पूरी खबर
MP BJP News: मध्य प्रदेश भाजपा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव हुआ है। प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की जिम्मेदारी में बड़ा परिवर्तन किया गया है। उन्हें अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मध्य क्षेत्र का सह-बौद्धिक प्रमुख नियुक्त किया गया है। यह फैसला भाजपा और संघ के बीच समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।
हितानंद शर्मा वर्तमान में मध्य प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री के पद पर कार्यरत हैं। वे पिछले कई वर्षों से संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आए हैं। वर्ष 2020 में उन्हें प्रदेश सह-संगठन महामंत्री बनाया गया था, जबकि 2022 में सुहास भगत के स्थान पर वे प्रदेश संगठन महामंत्री बने थे। इस दौरान उन्होंने संगठन विस्तार, चुनाव प्रबंधन और कार्यकर्ता समन्वय में अहम योगदान दिया।

संघ में नई जिम्मेदारी का मतलब
आरएसएस के मध्य क्षेत्र में सह-बौद्धिक प्रमुख की जिम्मेदारी विचारधारा प्रसार, बौद्धिक प्रशिक्षण, प्रचार सामग्री तैयार करना और क्षेत्रीय स्तर पर बौद्धिक कार्यक्रमों का संचालन शामिल है। मध्य क्षेत्र में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कुछ हिस्सों को कवर किया जाता है। यह पद संगठन के बौद्धिक ढांचे में अहम माना जाता है, जहां नीतिगत दिशा-निर्देश और विचार-विमर्श का काम होता है।
हितानंद शर्मा की इस नई भूमिका से भाजपा और संघ के बीच समन्वय और मजबूत होने की उम्मीद है। वे अब प्रदेश संगठन महामंत्री पद से मुक्त होकर पूर्णकालिक रूप से संघ की जिम्मेदारी संभालेंगे।
क्यों मिली यह जिम्मेदारी?
सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव दीर्घकालिक संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा है:
- संघ और भाजपा के बीच समन्वय मजबूत करना।
- मध्य क्षेत्र में वैचारिक मजबूती और प्रशिक्षण पर फोकस।
- हितानंद की जमीनी पकड़ और अनुभव को संघ के बौद्धिक कार्य में उपयोग करना।
- भाजपा में नए संगठन महामंत्री की नियुक्ति जल्द होने की उम्मीद, संभवतः प्रदेश के बाहर से कोई व्यक्ति।
भाजपा में अब क्या बदलाव?
सूत्रों के अनुसार, हितानंद शर्मा के स्थान पर नए प्रदेश संगठन महामंत्री की नियुक्ति जल्द होने वाली है। भाजपा प्रदेश इकाई में यह बदलाव संगठनात्मक मजबूती और 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के संदर्भ में देखा जा रहा है।
हितानंद शर्मा की पृष्ठभूमि संगठन कार्य में मजबूत रही है। वे लंबे समय से भाजपा और संघ के संपर्क में सक्रिय हैं। उनकी नई जिम्मेदारी से मध्य क्षेत्र में बौद्धिक कार्यों को नई दिशा मिलने की संभावना है। यह बदलाव भाजपा के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जहां संगठन और विचारधारा दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश दिख रही है। आने वाले दिनों में नए संगठन महामंत्री के नाम की घोषणा होने की उम्मीद है।












Click it and Unblock the Notifications