अवैध कॉलोनियों में मकान ही क्यों बनाते हैं लोग, समस्याओं पर बोले- मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
Avaidh colony News: मध्य प्रदेश के नगरी विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गी ने शुक्रवार को वल्लभ भवन में पत्रकारों से चर्चा के दौरान बताया कि अवैध कॉलोनी से संबंधित जो नियम राज्य शासन ने बनाए, उन्हें कड़ाई से लागू किया जाएगा। अवैध कॉलोनी बनाने और वहां विकास कार्य नहीं करने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बता दे नगरी निकाय कैसे आत्मनिर्भर बने, इसको लेकर नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को मंत्रालय में 16 नगर निगमों के महापौर और आयुक्त के साथ बैठक कर चर्चा की। बैठक में नगरी विकास और आवास के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई और आयुक्त भारत यादव भी शामिल हुए।

राजधानी भोपाल सहित प्रदेश में अवैध कॉलोनी को लेकर नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय वन इंडिया हिंदी को जानकारी देते हुए बताया कि अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया जा रहा है। हमने एक टीम बनाई है, जो इसके ऊपर विचार करेगी। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने भी हमसे कहा है कि अवैध कॉलोनी नहीं बननी चाहिए। अगर कोई बिल्डर और कॉलोनाइजर अब ऐसा करेगा तो लाइसेंस सस्पेंड किए जाएंगे।
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अवैध कॉलोनियों में समस्या को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गी का बड़ा बयान
वन इंडिया के संवाददाता लक्ष्मी नारायण मालवीय ने जब मंत्री जी से सवाल किया कि जो अवैध कॉलोनियां बन चुकी हैं। जिनमें हजारों की संख्या में लोग निवास कर रहे हैं, उन्हें हर दिन बिजली, पानी, सड़क की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिस पर जबाव देते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि लोग अवैध कॉलोनी में प्लॉट क्यों खरीदते हैं, उन्हें वहा मकान नहीं बनाना चाहिए। मतलब सरकार को अवैध कॉलोनियों में निवास कर रहे लोगों की परेशानियों से कोई लेना-देना नहीं है।
अवैध कॉलोनी में घर क्यों बनाते हैं लोग ?
मंत्री विजयवर्गीय के इस बयान पर वन इंडिया ने जब अवैध कॉलोनियों में रह रहे लोगों से बातचीत की तो लोगों ने बताया कि वह क्यों इन कॉलोनियों में मकान बना लेते हैं। दरअसल, राजधानी भोपाल में नगर निगम सीमा क्षेत्र से लगी हुई जमीनों पर बिल्डर और कॉलोनाइजर नई कॉलोनी या डेवलप करते हैं। वह लोगों को झूठी जानकारी देकर प्लॉट बेच देते हैं और उनसे डेवलपमेंट राशि भी वसूल कर लेते हैं। लेकिन जब सुविधा देने की बारी आती है तो ऐसे कॉलोनाइजर सारे प्लॉट बेचकर फरार हो जाते हैं। इसके बाद जब रहवासी नगर पालिका या नगर निगम में जाते अपनी परेशानी लेकर जाते हैं तो उन्हें पता चलता है कि उनकी कॉलोनी बनाने वाले ने टीएंडसीपी परमिशन नहीं ली है।

अवैध कॉलोनी में क्या-क्या समस्याएं होती है।
अवैध कॉलोनियो में लोगों को अक्सर मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता है। जैसे बिजली, पानी, सड़क। भोपाल की प्राइम लोकेशन अयोध्या नगर के पास बनी कृष्ण धाम कॉलोनी के लोगों ने बताया कि यहां पर लोग बिजली की समस्या से बहुत परेशान है। परमानेंट मीटर कनेक्शन नहीं मिलने के कारण वह भारी भरकम बिजली के बिलों को भरने के लिए मजबूर है। यहां पर रहने वाले रमेश सिंह ने बताया कि उनका हर महीने का बिजली का बिल 6 से 8 हजार रुपये के बीच आता है। जब वे बिजली विभाग में इसे लेकर शिकायत करते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि टेंपरेरी कनेक्शन में बिजली का बिल डेढ़ हजार रुपए से ऊपर से शुरू होता है और इसकी यूनिट भी काफी महंगी होती है। इसके अलावा कच्ची और गड्ढे भरी सड़कों से आने-जाने में रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

अयोध्या नगर के पास स्थित कृष्ण धाम कॉलोनी में ना तो पीने के पानी का कोई इंतजाम है और ना ही बिजली लाइन के लिए खंबे गड़े हुए हैं। ये कॉलोनी ग्राम पंचायत अरेड़ी में आती है। जब लोगों की परेशानियों को लेकर यहां के उप सरपंच जीवन सिंह से वन इंडिया ने बातचीत की तो पता चला कि सरकार प्राइवेट कॉलोनी में डेवलपमेंट करने की परमिशन नहीं देती, इस वजह से वह यहां पर रोड, पानी, बिजली की सुविधा देने में असमर्थ है। खास बात यह है कि इसी कॉलोनी के बगल में क्रेशर झुग्गी बस्ती है, जहां पर पीने का पानी भी है, परमानेंट बिजली कनेक्शन भी है और पक्की सड़क भी है। ऐसे में लोगों के मन में यह विचार आता है कि अवैध कॉलोनी में मकान बनाने से अच्छा है कि वो फ्री की झुग्गी बना ले। जिसमें सरकार सारी सुविधाएं तो देती है। कॉलोनियों में टैक्स देने के बावजूद लोगों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।












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