मध्य प्रदेश सरकार ने अल्पकालीन फसली ऋण चुकाने की अंतिम तिथि बढ़ाकर तीस जनू की
भोपाल, 1 जून। कोरोना महामारी को देखते हए शिवराज सिंह चौहान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। किसानों द्वारा खरीफ फसल के लिए प्राप्त किए जाने वाले कर्ज को चुकाने की तिथि तीस जून कर दी गई है। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर सहकारी बैंक लोन देते हैं।

मध्य प्रदेश सरकार किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर सहकारी बैंकों के माध्यम से साल में दो बार कर्ज उपलब्ध कराती है। यह कर्ज राशि प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को दी जाती है।
खरीफ फसल के लिए इसे चुकाने की तिथि तीस अप्रैल रहती है। कोरोना संकट को देखते हुए शिवराज सरकार ने यह फैसला लिया था कि तीस अप्रैल की बजाय यह तिथि 31 मई कर दी जाए लेकिन संकट के लगातार बरकरार रहने के चलते इसे एक बार फिर से 15 जून तक के लिए बढ़ाया था।
इस बीच 19 मई को नाबार्ड ने एक पत्र जारी किया कि भारत सरकार की ओर कोविड 19 महामारी की दूसरी लहर के कारण जो लॉकडाउन लगाया गया है। उसमें लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया दिया गयाा है और किसान अपने बकाया अल्पकालीन फसली कर्ज के भुगतान में कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
नाबार्ड ने सिफारिश की थी कि किसानों को राहत देने के लिए कर्ज चुकाने की राशि 30 जून कर दी जाए। इसी के चलते शिवराज सिंह सरकार ने यह निर्णय लिया है कि कर्ज चुकान की तिथि 15 से बढ़ाकर 30 जून की गई है।












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