मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस को कुछ इस तरह लताड़ा भाजपा ने

Shivraj Singh
भोपाल। विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित होते ही मध्‍य प्रदेश में चुनावी दंगल में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अभी तक तो बयानबाजी सिर्फ शिवराज सिंह चौहान तक सीमित थी, अब भाजपा में हर स्‍तर के नेता ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तो देखिये किस तरह भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा-

प्रदेश उपाध्यक्ष सांसद राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस आये दिन आम आदमी को मिलने वाली सुविधाओं की दरों में बढ़ोत्तरी कर उनके साथ क्रूर मजाक कर रही है। पिछले दिनों डीजल के दामों में वृद्धि करने के बाद आज रेल किराया में वृद्धि कर आम आदमी की जेब पर डाका डालने का काम किया है। उन्होनें कहा कि कांग्रेसनीत यूपीए सरकार के पास मंहगार्इ नियंत्रण करने के लिए कोर्इ योजना नहीं है, वह नीतिगत फैसले करने में अक्षम है और लगातार मंहगार्इ बढ़ाकर आम आदमी के साथ खिलवाड़ करने का काम कर रही है।

उन्होनें कहा कि आज कांग्रेस ने हर क्षेत्र में मंहगार्इ और मूल्यवृद्धि से आम इंसान को परेषान करने का कार्य किया है। आज देश में मंहगार्इ दर लगातार बढ़ रही है और विकास दर 5 प्रतिषत से कम होने के आसार है। कांग्रेस की गलत आर्थिक नीतियों के कारण रूपये का अवमूल्यन हो रहा है जिससे लगातार भारत पर कर्ज की राषि का भार पड़ रहा है। डीजल, पेट्रोल में वृद्धि का सीधा असर आम आदमी की जरूरत की वस्तुओं पर पड़ता है। लेकिन केन्द्र सरकार के पास इसे सुधारने के लिए कोर्इ नीति नहीं है। कांग्रेस सत्ता के नषे में मदमस्त होकर चिरनिद्रा में लीन है।

राकेश सिंह ने कहा कि रेलवे के किरायें में बढ़ोत्तरी का कारण तो केन्द्र सरकार डीजल मूल्य में वृद्धि होने में बता देती है लेकिन रेल यात्रा में यात्रियों को सुविधाएं देने के नाम पर पल्ला झाड़ लेती है। उन्होनें कहा कि आगामी 10 अक्टूबर से रेल मालभाड़ै में बढ़ोत्तरी का संकेत केन्द्र सरकार ने दिया है। जिसका सीधा असर लोगों को मिलने वाली बुनियादी चीजों पर पड़ेगा। उन्होनें कहा कि भाजपा की सरकार ने नीतियां बनाकर केन्द्र में शासन किया था। इस दौरान विकास दर दहार्इ तक पहुंच गयी थी और मंहगार्इ पर अंकुष लगाया था। कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल से सबक लेना चाहिए कि किस तरह सुषासन कर आम आदमी की सरकार चलानी चाहिए।

सांसद गणेश सिंह का वार

सांसद गणेश सिंह ने कांग्रेस के नेता और केन्द्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के आरोप को बकवास बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने 25 हजार करोड़ रू. की लागत से पावर फीडर सेपरेषन कर 52 हजार गांवों में 24 घंटे बिजली की पूर्ति सुनिषिचत की है। केन्द्र सरकार का इसमें कोर्इ योगदान नहीं है। यदि उसनें दो हजार करोड़ रू. की राषि दी है ंतो वह राजीव गांधी ऊर्जा परियोजना पर व्यय हुर्इ है।

उन्होनें कहा कि केन्द्र सरकार अपनी संवैधानिक जबावदेही से बचने के लिए झूठे आरोप थोपकर जनता को गुमराह नहीं कर सकती है। प्रदेश में 4700 किमी नेषनल हार्इवे में सड़क की जगह गढढे बन चुके है। एक पैसा भी केन्द्र सरकार ने नहीं दिया है। 1450 किमी के संधारण का काम जिस निर्माण संस्थान को केन्द्र सरकार ने दिया है उसे भी दमड़ी नहीं देकर सिर्फ खाना-पूर्ति करके प्रचार कर रही है। नेषनल हार्इवे-7 मैहर की दुर्दषा पर सत्याग्रह तक करने को विवष होना पड़ा है।

राष्ट्रीय सड़कों की बदहाली के कारण करोड़ों रू. की क्षति प्रदेश को हो रही है। सिंचार्इ परियोजनाओं का पैसा केन्द्र ने रोक रखा है। प्रदेश के लिए कोयला राज्य में होते हुए भी नहीं मिल पा रहा है। उल्टे कोयला आयात करने को विवष किया जा रहा है। यहां तक कि केन्द्रीय पूल से 350 मेगावाट बिजली की भी केन्द्र ने कटौती करके मध्यप्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार किया है।

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